5,000 से ज्यादा आवेदकों में से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO चुने गए। वह ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न कमांड प्रमुख थे।
Who is Jitendra Mishra: राम मंदिर ट्रस्ट को अपना पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) मिल गया है। 5,000 से ज्यादा आवेदकों की लंबी सूची में से एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को इस पद के लिए चुना गया है। अब उनके सामने अयोध्या स्थित राम मंदिर के मैनेजमेंट और वित्तीय जवाबदेही को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आखिर कौन हैं जितेन्द्र मिश्रा, आइए जानते हैं।
कौन हैं जितेन्द्र मिश्रा?
जितेन्द्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण कमांडिंग पदों पर काम किया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वह वेस्टर्न कमांड के प्रमुख थे। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने भारतीय वायु सेना में 38 साल से ज्यादा समय तक सेवा दी। इसके बाद वह मई 2026 में वायु सेना से रिटायर हुए। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और महत्वपूर्ण कमांडिंग पदों पर काम किया।
NDA और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई
जितेंद्र मिश्रा ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों से सैन्य और रक्षा संबंधी शिक्षा हासिल की है। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), पुणे के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, बेंगलुरु, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अमेरिका और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, ब्रिटेन में भी अध्ययन किया है। उनके मिलिट्री बैकग्राउंड और प्रशासनिक अनुभव को राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वेस्टर्न कमांड की संभाली कमान
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायु सेना की वेस्टर्न कमांड का नेतृत्व कर चुके हैं। अब सैन्य क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद वह राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे। उनके सामने मंदिर के रोजमर्रा के प्रबंधन के साथ-साथ वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी होगी।
मंदिर प्रबंधन और वित्तीय जवाबदेही होगी बड़ी चुनौती
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट के सामने मंदिर के बढ़ते प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था को बेहतर बनाने की चुनौती है। पहले CEO के तौर पर उनसे मंदिर के प्रशासन को व्यवस्थित करने, वित्तीय जवाबदेही मजबूत करने और दान से जुड़ी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। उनकी नियुक्ति को दान की चोरी के विवाद के बाद ट्रस्ट में किए गए बड़े बदलावों का हिस्सा माना जा रहा है।
क्यों हुआ राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव?
अयोध्या में दान की चोरी से जुड़े विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में कई ढांचागत बदलाव किए गए हैं। इसी प्रक्रिया के तहत एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। दान की चोरी के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से ज्यादातर लोग दान की रकम की गिनती से जुड़े हुए थे। इस विवाद के बाद ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने भी इस्तीफा दे दिया था।


