Sajjan Kumar Family Details: तिहाड़ जेल में बंद सज्जन कुमार के निधन के बाद उनका परिवार चर्चा में है। कौन हैं पत्नी राम कौर और बेटे जग प्रवेश कुमार? जानिए परिवार और सज्जन कुमार के राजनीतिक सफर से जुड़ी खास बातें।

Sajjan Kumar Death: कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार को गुरुवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर के बाद उनके बेटे जग प्रवेश कुमार अस्पताल पहुंचे।

कौन हैं सज्जन कुमार की पत्नी और बच्चे?

सज्जन कुमार का जन्म 23 सितंबर 1945 को दिल्ली में हुआ था। दिल्ली की राजनीति में उन्होंने लंबे समय तक प्रभाव रखा। नगर निगम की राजनीति से शुरुआत करने के बाद वह कांग्रेस संगठन में सक्रिय हुए और बाद में लोकसभा तक पहुंचे। वह 1980, 1991 और 2004 में सांसद चुने गए थे। निजी जिंदगी की बात करें तो सज्जन कुमार की पत्नी का नाम राम कौर बताया जाता है। परिवार में उनके एक बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें उनके बेटे जग प्रवेश कुमार का राजनीतिक सफर खास तौर पर चर्चा में रहा है।

जग प्रवेश कुमार कौन हैं? पिता के बाद राजनीति में उतरे

  • जग प्रवेश कुमार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में बीए (ऑनर्स) किया है। 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें संगम विहार सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनावी हलफनामे में उन्होंने खुद को बिजनेस मैन बताया था।
  • उस चुनाव में जग प्रवेश का मुकाबला आम आदमी पार्टी के द‍िनेश मोहनिया और बीजेपी के उम्मीदवार से था। वह चुनाव जीत नहीं सके। चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक संगम विहार सीट से AAP के दिनेश मोहनिया विजयी रहे थे।
  • जग प्रवेश का नाम उस दौर में इसलिए भी सुर्खियों में रहा क्योंकि वह ऐसे इलाके से मैदान में उतरे थे, जहां उनके पिता सज्जन कुमार का लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव माना जाता था। 2013 की चुनावी रिपोर्टों में संगम विहार, बदरपुर और नजफगढ़ जैसे इलाकों में उनकी सक्रियता का जिक्र मिलता है।

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1984 दंगों के मामलों ने बदली सज्जन कुमार की राजनीतिक राह

सज्जन कुमार का राजनीतिक करियर बाद में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मुकदमों के कारण गहरे विवाद में घिर गया। दिसंबर 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने पालम कॉलोनी मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

फरवरी 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सरस्वती विहार मामले में भी उन्हें दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, दंगों से जुड़े कुछ दूसरे मामलों में उन्हें बरी भी किया गया था।

अब 80 साल की उम्र में उनके निधन के साथ दिल्ली की राजनीति के एक लंबे और बेहद विवादित अध्याय का अंत हो गया है। उनके परिवार में बेटे जग प्रवेश कुमार और दो बेटियां हैं, जबकि पत्नी राम कौर का नाम उनके पारिवारिक विवरण में सामने आता है।