तमिलनाडु में मुख्यमत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन का नाम फाइनल हो गया है। जिसके नाम में सियासी संदेश है। 2029 के लोकसभा चुनावों को लेकर प्लान भी छिपा हुआ है।

चेन्नई (तमिलनाडु): एक्टर से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन का नाम अब तय हो गया है। इसे "सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस" के नाम से जाना जाएगा। यह फैसला बुधवार को चेन्नई के पनियूर में पार्टी मुख्यालय में हुई गठबंधन की दूसरी कोऑर्डिनेशन मीटिंग में लिया गया।

TVK के गठबंधन में कौन कौन हुए शामिल?

  • इस अहम बैठक की अध्यक्षता खुद TVK के संस्थापक और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने की। इसमें गठबंधन के बड़े सहयोगी दल जैसे कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK), मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता शामिल हुए।
  • मीटिंग से जो तस्वीरें सामने आईं, उनमें TVK चीफ विजय गोल्डन कुर्ते और वेष्टि में थम्स-अप करते दिखे। उनके पीछे स्क्रीन पर गठबंधन के सभी दलों के लोगो भी नजर आ रहे थे।
  • इस बैठक का मकसद सत्ताधारी गठबंधन के ढांचे और कामकाज को औपचारिक रूप देना था। इसमें गठबंधन के आधिकारिक नाम, एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम और एक स्टीयरिंग कमेटी बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

इस बैठक में लेफ्ट पार्टियां नदारद

  • हालांकि, इस बैठक से लेफ्ट पार्टियां खासतौर पर नदारद रहीं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M), दोनों ही पनियूर में हुई इस मीटिंग में नहीं पहुंचीं।
  • लेफ्ट पार्टियों ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वे TVK सरकार को स्थिर रखने के लिए मुद्दों के आधार पर समर्थन देंगी, लेकिन अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखेंगी।
  • CPI(M) के राज्य सचिव पी. षणमुगम ने कहा था कि उनकी पार्टी का सरकार को समर्थन सिर्फ स्थिरता बनाए रखने के लिए है और वे कैबिनेट में जगह मिले बिना किसी औपचारिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहते।

2029 के लोकसभा चुनावों को लेकर मतभेद

  • यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब 2029 के लोकसभा चुनावों को लेकर सत्ताधारी गुट के भीतर ही मतभेद हैं।
  • प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर TVK और कांग्रेस के बीच तनाव सामने आया था। TVK के PWD मंत्री आदव अर्जुन ने पहले कहा था कि देश का शीर्ष संवैधानिक पद तमिलनाडु के किसी नेता को मिलना चाहिए।
  • वहीं, तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने यह तक कह दिया था कि अगर TVK ने 2029 के चुनावों के लिए राहुल गांधी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर समर्थन नहीं दिया तो कांग्रेस के मंत्री इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, बाद में तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने सफाई देते हुए कहा कि यह बयान कोई आधिकारिक घोषणा नहीं थी, बल्कि "स्नेहवश" दिया गया था।