CM मोहन यादव से मुलाकात के बाद जेम्स एजुकेशन ने MP में इंटरनेशनल K-12 स्कूल खोलने में रुचि दिखाई। इंदौर-भोपाल में स्कूल शुरू करने की योजना है।
भोपाल/दुबई। मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं बन रही हैं। दुबई में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 (Annual Investment Meeting) के तीसरे दिन 8 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन और फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात की। बैठक में मध्यप्रदेश की एजुकेशन पॉलिसी, शिक्षा में निवेश और प्रदेश में नए स्कूल कैंपस विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनी वर्की को मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद प्रदेश के विद्यार्थियों में स्कूल शिक्षा को लेकर रुझान बढ़ा है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है।
MP Education Policy: CM मोहन यादव ने बताई प्रदेश की शिक्षा नीति
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की मौजूदा शिक्षा नीति और इसमें किए जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान सांदीपनि स्कूलों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को सामने रखते हुए जेम्स एजुकेशन कंपनी को मध्यप्रदेश में विस्तार के लिए आमंत्रित किया।
James Education Investment: इंदौर-भोपाल में खुलेंगे इंटरनेशनल K-12 स्कूल
बैठक में जेम्स एजुकेशन कंपनी ने मध्यप्रदेश के प्रमुख और तेजी से विकसित हो रहे शहरों में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रुचि दिखाई। कंपनी की ओर से खास तौर पर इंदौर और भोपाल में स्कूल शुरू करने की संभावना पर चर्चा हुई। इन स्कूलों में केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने पर फोकस रहेगा। छात्रों के लिए अलग-अलग स्किल्स की ट्रेनिंग भी स्कूल शिक्षा का हिस्सा होगी। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य में बदलती लर्निंग आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नेशनल और इंटरनेशनल करिकुलम लागू करने की दिशा में काम करेगी।
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STEM, AI और Coding पर फोकस, टीचर ट्रेनिंग भी होगी
जेम्स एजुकेशन के प्रस्तावित स्कूलों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी खास जोर रहेगा। कंपनी टेक्नोलॉजी-सक्षम क्लासरूम विकसित करने के साथ विद्यार्थियों के लिए STEM, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े फ्यूचर-रेडी प्रोग्राम तैयार करेगी। इसके अलावा स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए टीचर ट्रेनिंग और स्कूल लीडरशिप डेवलपमेंट पर भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बदलती शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है।
James Education Company: K-12 शिक्षा में दुनिया भर में नेटवर्क
सनी वर्की ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपनी कंपनी के कामकाज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेम्स एजुकेशन दुनिया के बड़े निजी K-12 एजुकेशन प्रोवाइडर्स में शामिल है। कंपनी अलग-अलग देशों में विभिन्न करिकुलम के तहत स्कूलों का नेटवर्क संचालित करती है। कंपनी का मुख्य फोकस क्वालिटी एजुकेशन, टीचर डेवलपमेंट और एजुकेशनल इनोवेशन पर है। स्कूल शिक्षा के साथ-साथ कंपनी एजुकेशनल मैनेजमेंट और एडटेक सेक्टर में भी काम करती है।
Dubai से Asia, Europe तक फैला James Education का नेटवर्क
सनी वर्की के मुताबिक जेम्स एजुकेशन कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका तक फैला हुआ है। इसका मुख्यालय दुबई में स्थित है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सनी वर्की को अगले साल होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (GIS)-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की मुलाकातों और निवेश के जरिए मध्यप्रदेश और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है। GIS-2027 में जेम्स एजुकेशन की भागीदारी से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में संभावित निवेश और नई शैक्षणिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।


