CM मोहन यादव ने आमजन के काम समय पर पूरे करने, ग्रामीण आबादी की मुफ्त रजिस्ट्री, नर्मदा मिशन, धार्मिक स्थलों और सिंहस्थ तैयारियों में तेजी के निर्देश दिए।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि आम जनता से जुड़े काम तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। कोशिश ऐसी होनी चाहिए कि लोगों को अपनी समस्या लेकर हेल्पलाइन तक पहुंचने की जरूरत ही न पड़े। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े प्राथमिक कार्यों का समय पर निराकरण सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026’ शुरू किया है। इसके तहत साप्ताहिक शिविर और संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले तीन सप्ताह में अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान की अगले एक महीने की कार्ययोजना पहले से तैयार रखी जाए, ताकि लोगों को शिविरों और संवाद कार्यक्रमों का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि त्योहार या किसी अन्य कारण से शुक्रवार को शिविर और संवाद नहीं हो पाए, तो अगले दिन यानी शनिवार को यह गतिविधि आयोजित की जाए।
MP Government: समय पर दफ्तर पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी, बायोमेट्रिक अटेंडेंस शुरू होगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रालय के साथ-साथ राजधानी स्थित विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसे प्रदेश के जिलों में भी लागू करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और लोगों से जुड़े काम भी समय पर पूरे हों। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
Rural Property Registry: गांवों में आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री का अभियान
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री से जुड़े कामों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए अधिकार अभिलेखों के पंजीयन और जिला स्तर पर राजस्व तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समितियां गठित करने को कहा गया। उन्होंने गांवों में दखल रहित भूमि का चिन्हांकन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि अगले दस वर्षों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण आबादी को बैंक ऋण आसानी से मिल सके, इसके लिए पात्र लोगों को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिलाने के अभियान की रूपरेखा जल्द अंतिम रूप दी जाए। साथ ही आबादी भूमि घोषित कर भूमिहीन परिवारों को आवास पट्टे देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए।
Narmada Samagra Mission: मां नर्मदा के संरक्षण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने नर्मदा समग्र मिशन (नमन) की स्थापना और उसके क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और इसके निर्मल स्वरूप तथा निरंतर प्रवाह को बनाए रखना जरूरी है। मिशन के तहत नर्मदा संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा, प्रदूषण रोकथाम, सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता पर काम किया जाएगा। अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को मिशन की स्थापना की आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में गुजरात के सूरत जल भंडारण मॉडल और ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ जैसे अभियानों की तर्ज पर प्रदेश में अभियान शुरू करने के विषय पर भी चर्चा हुई।
Urban Development: शहरों में पानी और सीवरेज व्यवस्था की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था का बेहतर प्रबंधन नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है। आम लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पर्याप्त तकनीकी अमले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत के अनुसार इस अमले को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि निकायों की आदर्श कार्मिक संरचना में उपलब्ध पदों पर कार्यरत इच्छुक पीएचई तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों के वन टाइम संविलियन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
Chitrakoot Development: कामदगिरी परिक्रमा मार्ग समेत धार्मिक स्थलों का विकास तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के वनगमन पथ से जुड़े 10 कार्यों पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा मार्ग के 20 अन्य स्थानों पर भी विकास कार्यों का चिन्हांकन किया गया है।
चित्रकूट में कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए वन विभाग से जरूरी अनुमति मिल चुकी है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए 12.50 हेक्टेयर वन भूमि चिन्हित की गई है। मुख्यमंत्री ने गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर, सती अनुसुइया मंदिर और मल्टी फैसिलिटी सेंटर सहित अन्य स्थानों के विकास कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदाकिनी नदी जोड़ो योजना और संयुक्त तीर्थ विकसित करने को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। इसी तरह दतिया, ओरछा और ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर के प्रांगण के विकास के लिए स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू और पूरा करने को कहा गया।
Shri Krishna Pathey: 225 करोड़ के विकास कार्यों पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में भगवान श्री कृष्ण पाथेय परियोजना के तहत करीब 225 करोड़ रुपये के विकास कार्य अलग-अलग स्तरों पर चल रहे हैं। उन्होंने इन कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। संस्कृति और पर्यटन विभाग को धार्मिक स्थलों के विकास के साथ पर्यटन अधोसंरचना मजबूत करने पर भी ध्यान देने को कहा गया है। दतिया, ओरछा सहित करीब 20 आध्यात्मिक और धार्मिक लोकों के विकास की योजना पर भी काम जारी है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन निगम के अलावा अन्य सक्षम एजेंसियों को भी उनके क्षेत्र से बाहर पर्यटन अधोसंरचना से जुड़े कार्य करने की अनुमति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
Simhastha 2028: उज्जैन में भीड़ प्रबंधन पर खास फोकस
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों के साथ भीड़ प्रबंधन की ठोस योजना पर भी अभी से काम होना चाहिए। उद्देश्य यह है कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रहे और उन्हें सुविधाएं आसानी से मिलें। उज्जैन के मंदिरों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में टेंपल बॉन्ड के माध्यम से प्रमुख धार्मिक स्थलों के समग्र विकास की जानकारी भी ली। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न धार्मिक लोकों में विकसित की जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की।
MP Police और Security Force: औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता 5 हजार होगी
बैठक में गृह विभाग से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव की जानकारी ली। वर्तमान क्षमता 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा बल उपलब्ध कराने, वीआईपी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने और विभिन्न मंदिरों में होमगार्ड के पद सृजित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बैगा, भारिया और सहरिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को विशेष भर्ती प्रक्रिया के जरिए सेवाओं में अवसर देने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने होमगार्ड भर्ती नियमों को अंतिम रूप देकर भर्ती परीक्षा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संख्या 50 से बढ़ाकर 250 करने और मध्यप्रदेश राज्य द्रुतगति बल के गठन से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग ने इस संबंध में अब तक की प्रक्रिया की जानकारी दी।
Promotion in MP Government: सितंबर-अक्टूबर में DPC पूरी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े लंबित कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सितंबर और अक्टूबर में डीपीसी की कार्यवाही की जाए और जरूरत के अनुसार शेष प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाए। मुख्यमंत्री ने विभागों को केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के साथ बेहतर समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि राज्य से जुड़े विकास और प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
CM Mohan Yadav के प्रमुख निर्देश
- आमजन के कल्याण को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया जाए।
- लोगों के काम हेल्पलाइन तक पहुंचने से पहले ही पूरे करने का प्रयास हो।
- ग्रामीण आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ पात्र नागरिकों को दिलाया जाए।
- दखल रहित भूमि का चिन्हांकन कर भूमिहीनों को आवास पट्टे दिए जाएं।
- नर्मदा समग्र मिशन से जुड़ी सभी आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी की जाए।
- शहरों में पेयजल और सीवरेज परियोजनाएं समय-सीमा में पूरी हों।
- चित्रकूट, ओरछा, दतिया और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।
- श्रीराम वनगमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़े कार्य जल्द पूरे किए जाएं।
- सिंहस्थ-2028 के लिए विकास के साथ प्रभावी भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था तैयार की जाए।
- औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।
- सितंबर और अक्टूबर में डीपीसी की कार्रवाई कर पदोन्नति से जुड़े लंबित काम पूरे किए जाएं।
- केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय बढ़ाकर विकास कार्यों को गति दी जाए।


