उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कक्षा 1 से 12 तक छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें दी जा रही हैं, ताकि आर्थिक स्थिति पढ़ाई में बाधा न बने।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन मिलें और आर्थिक स्थिति उनकी शिक्षा के रास्ते में रुकावट न बने।
Uttarakhand Free Textbooks: कक्षा 1 से 12 तक छात्रों को मुफ्त किताबें
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह व्यवस्था स्कूली शिक्षा के अलग-अलग स्तरों—प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक—के विद्यार्थियों को कवर करती है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से पहले भी बताया गया है कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। साथ ही, राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त पुस्तकें उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
Education News: आर्थिक स्थिति पढ़ाई में बाधा न बने, सरकार का जोर
मुफ्त पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था का सीधा उद्देश्य विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पढ़ाई से जुड़ा खर्च कम करना है। खासकर उन परिवारों के लिए, जिनके लिए हर शैक्षणिक सत्र में किताबें खरीदना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है। CM धामी ने अपने संदेश में इसी पहलू पर जोर दिया। उनका कहना है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी की शिक्षा में रुकावट नहीं बननी चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री के इस बयान में योजना के तहत लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या, बजट या वितरण की समयसीमा का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
Uttarakhand Education System: स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल शिक्षा पर भी फोकस
राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहने की बात कहती रही है। उत्तराखंड के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के अनुसार, सरकारी शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इसके अलावा, 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित करने और 1,300 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं संचालित करने की जानकारी भी दी गई है। इससे सरकार की शिक्षा नीति में दो स्तर दिखाई देते हैं—एक ओर विद्यार्थियों को जरूरी किताबें उपलब्ध कराना और दूसरी ओर डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई की पहुंच बढ़ाना। किताबें और डिजिटल संसाधन, दोनों का मकसद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देना है।
Pushkar Singh Dhami: शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को राज्य के विकास और युवाओं के भविष्य से जोड़कर पेश किया है। हाल में सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना भी शुरू की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत 11 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और ऑनलाइन कोचिंग जैसी पहलें शिक्षा के अलग-अलग चरणों से जुड़ी हैं। एक का फोकस स्कूली स्तर पर पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने पर है, जबकि दूसरी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने पर। मुख्यमंत्री का ताजा बयान इसी व्यापक शिक्षा एजेंडे का हिस्सा है। सरकार का दावा है कि वह आर्थिक बाधाओं को कम करके विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।


