तो अब कोरोना से 5 मंत्रियों के साथ लड़ेंगे शिवराज सिंह चौहान, मंत्रिमंडल में इंन्हें मिली जगह
मध्य प्रदेश में दोबार बीजेपी की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री की शपथ लेने के 29 दिन बाद मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें भाजपा खेमे से तीन और ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से दो मंत्री बने। शिवराज सिंह चौहान के इन पांच मंत्रियों को मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में शपथ दिलवाई। बताते हैं आपको किसे कैबिनेट में जगह मिली और इसका जातीय समीकरण।
वीडियो डेस्क। मध्य प्रदेश में दोबार बीजेपी की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री की शपथ लेने के 29 दिन बाद मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें भाजपा खेमे से तीन और ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से दो मंत्री बने। शिवराज सिंह चौहान के इन पांच मंत्रियों को मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में शपथ दिलवाई। बताते हैं आपको किसे कैबिनेट में जगह मिली और इसका जातीय समीकरण।
1 बीजेपी से बने मंत्री
भाजपा से दतिया के विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा को सामान्य वर्ग से ब्राह्मण चेहरे के तौर पर कैबिनेट में जगह दी गई। मिश्रा मध्य प्रदेश में बीजेपी के दिग्गज नेता माने जाते हैं। कमलनाथ सरकार की सत्ता से विदाई और बीजेपी की वापसी में नरोत्तम मिश्रा की काफी अहम भूमिका रही है, जिसकी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री की रेस में भी माना जा रहा था। 2 हरदा से विधायक कमल पटेल
कमल पटेल हरदा के विधायक और जाट नेता हैं। ओबीसी वर्ग से आते है।
3 मानपुर से विधायक मीना सिंह
मीना सिंह आदिवासी पूर्व मंत्री और महिला कोटे से मंत्री बनी हैं. केबिनेट में महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व मीना सिंह करेंगी।
शिवराज मंत्रीमंडल में महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को मिली जगह
4 साँवेर से विधायक तुलसी सिलावट
तुलसी सिलावट कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे से आते हैं।
5 सुरखी से विधायक गोविंद राजपूत
गोविंद राजपूत पिछली कमलनाथ सरकार में परिवहन और राजस्व मंत्री थे। ये भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे से आते हैं।
इस मंत्रिमंडल गठन में पार्टी में पांच मंत्रियों में दो मंत्री सिंधिया कोटे के हैं इससे साफ है कि सरकार में सिंधिया का दखल बरकरार है। इसमें जातीय समीकरण को साधने का प्रयास भी किया गया है। महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व मीना सिंह, ओबीसी वर्ग से कमल पटेल, अनुसूचित जाति वर्ग से सिलावट और सामान्य वर्ग से डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा और गोविंद सिंह राजपूत को प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है।