जहां गिरा था सती माता का हार, वहीं बना ये शक्ति पीठ, देखें LIVE आरती

वीडियो डेस्क। शारदीय नवरात्रि की द्वितिया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म शक्ति यानि तप की शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्त की तप करने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही सभी मनोवांछित कार्य पूर्ण होते हैं। 

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वीडियो डेस्क। शारदीय नवरात्रि की द्वितिया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म शक्ति यानि तप की शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्त की तप करने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही सभी मनोवांछित कार्य पूर्ण होते हैं। इन नवरात्र आप घर बैठे माता के शक्ति पीठों के दर्शन करिए। आज आपको दिखा रहे हैं मां शारदा की आरती। मध्य प्रदेश के सतना जिले में 1063 सीढ़ियां लांघ कर माता के दर्शन मिलते हैं। सतना जिले की मैहर तहसील के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित माता के इस मंदिर को मैहर देवी का मंदिर कहा जाता है। यहां माता सती का गले का हार गिरा था। इसलिए इस जगह का नाम ही मैहर पड़ गया जिसका मतलब होता है मां का हार। देखें मां की आरती। देश में इकलौता है ये माता शारदा का मंदिर। 

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