रिश्वतखोर फार्मासिस्ट के हौसले बुलंद, मेडिकल रिपोर्ट के नाम पर पीड़िता के साथ कर रहे वसूली

सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को तनख्वाह के रूप में हर माह एक मोटी रकम दी जाती है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार के मोह में इस कदर अंधे है कि चंद कागज के टुकड़ों के खातिर अपने फर्ज और कर्तव्य को ही भुला बैठते हैं। 

Share this Video

हरदोई: सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को तनख्वाह के रूप में हर माह एक मोटी रकम दी जाती है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार के मोह में इस कदर अंधे है कि चंद कागज के टुकड़ों के खातिर अपने फर्ज और कर्तव्य को ही भुला बैठते हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला पाली नगर की पीएचसी पर बट वृक्ष की भांति लंबे समय से जमे एक फार्मासिस्ट का प्रकाश में आया है।

जानिए क्या है पूरा मामला
पाली नगर के मोहल्ला राम नगर निवासी निशा देवी का झगड़ा मंगलवार की शाम को इसी मोहल्ले के अनुराग के साथ हो गया था। इस झगड़े में निशा देवी के सिर पर गंभीर चोटें आई थी। पुलिस ने घायल महिला को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पाली स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा था। जहां पर मौजूद फार्मासिस्ट अवधेश यादव ने मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के नाम पर उससे ₹2000 की मांग रखी, जिस पर पीड़ित महिला ने अपनी असमर्थता जताते हुए कहा कि मेरे पास 500 रुपए है, वह ले लो बाकी सुबह पहुंचा देंगे। बुधवार सुबह मेडिकल रिपोर्ट सामान्य देखकर पीड़ित महिला ने पीएचसी परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान ओपीडी कक्ष में बैठे डॉक्टर मुस्लिम अंसारी मामले की अनदेखी करते रहे। मामले को बढ़ता देख फार्मासिस्ट ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। करीब 1 घंटे तक चले हंगामे को देख कर फार्मासिस्ट अवधेश यादव ने दूसरे स्वास्थ्य कर्मी रघुनाथ अग्निहोत्री के द्वारा पीड़ित महिला के ₹500 वापस करा दिए। उसके बाद महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इसके पूर्व भी इसी फार्मासिस्ट का एक ऑडियो वायरल हो चुका है। जिस पर सीएमओ द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया था, बाद में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। भरखनी ब्लॉक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला से इस मामले में बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

Related Video