कंगना रनौत और स्वामी रामदेव की जुबानी जंग अब और तीखी हो गई है। कंगना ने निजी जिंदगी पर सवाल उठाने के साथ रामदेव के कारोबार पर भी निशाना साधा है। जानिए क्या है ताजा अपडेट?
भारतीय जनता पार्टी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने योग गुरु स्वामी रामदेव के साथ चल रहे विवाद में एक बार फिर तीखा पलटवार किया है। एक इंटरव्यू में कंगना ने रामदेव के उनकी जवानी और निजी जिंदगी पर कमेंट करने पर सवाल उठाया और पूछा कि आखिर उन्हें उनके अतीत के बारे में इतनी जानकारी कैसे है। इतना ही नहीं, कंगना ने रामदेव के योग और आयुर्वेद से आगे बढ़कर कारोबार करने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें चरित्र पर सलाह देने से पहले रामदेव को अपने सार्वजनिक सफर और कारोबारी विस्तार पर गौर करना चाहिए। दोनों के बीच विवाद की शुरुआत कंगना की ‘जेनरेशन गटर’ कमेंट से हुई थी।
कंगना ने स्वामी रामदेव को करारा जवाब दिया
कंगना रनौत ने पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए इंटरव्यू में स्वामी रामदेव के उन कमेंट्स पर रिएक्शन दिया, जिनमें उन्होंने कंगना के बचपन, जवानी और अतीत को लेकर सवाल उठाए थे। कंगना ने बेहद तीखे अंदाज में कहा, “क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके हुए थे? क्या उन्होंने मुझे मेरी जवानी में देखा था? उन्होंने क्या देखा?” उन्होंने आगे कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने आखिर देखा क्या था। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने क्या देखा।”
रामदेव के कारोबार पर कंगना ने साधा निशाना
कंगना ने रामदेव के योग और आयुर्वेद से कारोबारी दुनिया में विस्तार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत के दौरान सरकार ने उन्हें काफी प्रोत्साहन दिया था, लेकिन उनके मुताबिक रामदेव अब “पूंजीवाद में बहुत आगे चले गए हैं।” कंगना ने कहा, “सनातन विचारधारा एक समय के बाद पूंजीवाद से टकराने लगती है।” उनके मुताबिक सनातन दर्शन और पूंजीवाद के बीच यह टकराव इस बात से जुड़ सकता है कि लोगों से कितना लिया जा रहा है।
कंगना ने रामदेव को ‘पूरी तरह कारोबारी’ क्यों कहा?
कंगना ने रामदेव के आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और योग से आगे बढ़कर दूसरे उत्पादों के कारोबार में उतरने पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और योग से मिले प्रोत्साहन के बाद वह अब बनियान और अंडरवियर बेचने वाले कारोबार में आ गए हैं।” कंगना ने उन्हें “पूरी तरह कारोबारी” बताते हुए कहा, “कारोबारी बनना गलत नहीं है, लेकिन जो आप नहीं हैं, उसका चोला मत पहनिए।”
कंगना और रामदेव के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
दोनों के बीच मौजूदा जुबानी जंग कंगना की Gen Z को लेकर किए गए कमेंट के बाद शुरू हुई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कुछ युवा प्रदर्शनकारियों के लिए ‘जेनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था। कंगना ने वीडियो में दिखाई देने वाली भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि कुछ युवा मिली आजादी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके कमेंट पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना सभी युवाओं या प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति पर नहीं था, बल्कि कुछ खास लोगों और महिलाओं पर था।
स्वामी रामदेव ने कंगना के अतीत पर क्या कहा था?
विवाद के बीच रामदेव ने कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके अपने बचपन, जवानी और अतीत का जिक्र किया था। उन्होंने कंगना की बातों को “भ्रष्ट मानसिकता” का संकेत बताया और कहा था कि उनकी राजनीतिक पार्टी को इस पर ध्यान देना चाहिए। रामदेव के इसी कमेंट ने कंगना को जवाब देने का मौका दिया और मामला जेनरेशन Z पर बहस से निकलकर दोनों के निजी कमेंट्स तक पहुंच गया।
कंगना ने सुप्रीम कोर्ट के मामले का जिक्र क्यों किया?
कंगना ने रामदेव पर निशाना साधते हुए पतंजलि से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले का भी संदर्भ दिया। साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट में पतंजलि और उसके वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े भ्रामक विज्ञापन के आरोपों पर सुनवाई हुई थी। मामले में उत्पादों की औषधीय क्षमता को लेकर किए गए दावों और आधुनिक चिकित्सा के बारे में की गई टिप्पणियों पर भी सवाल उठे थे। कंगना ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इसी मामले का हवाला देते हुए रामदेव से कहा था कि उन्हें उनके अतीत को लेकर अफवाहों और गॉसिप के आधार पर चरित्र पर सवाल नहीं उठाने चाहिए।
