Toxic Movie Negative Reviews Legal Action: यश की फिल्म ‘Toxic’ के मेकर्स ने ऑनलाइन झूठे और मानहानिकारक कंटेंट के खिलाफ कानूनी कदम उठाया है। बेंगलुरु की एक अदालत ने 28 सितंबर तक ऐसे कंटेंट के प्रसार पर रोक लगा दी है। जानें पूरा मामला।

यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ रिलीज के बाद से ही बॉक्स ऑफिस और रिव्यू को लेकर चर्चा में है। फिल्म को लेकर जहां दर्शकों और क्रिटिक्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं अब इससे जुड़ा एक कानूनी मामला भी सुर्खियों में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के मेकर्स ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म को लेकर कथित तौर पर झूठे, मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण कंटेंट के खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं।

मामला तब ज्यादा चर्चा में आया जब फिल्म के प्रोड्यूसर्स की याचिका पर बेंगलुरु की एक सिविल कोर्ट ने 22 अगस्त को एक्स-पार्टी अंतरिम आदेश जारी किया था। इस आदेश में फिल्म से संबंधित कथित तौर पर झूठे, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक या अपमानजनक कंटेंट को प्रकाशित और प्रसारित करने से रोकने की बात कही गई थी। यह अंतरिम सुरक्षा 28 सितंबर तक प्रभावी बताई गई है।

‘Toxic’ के खिलाफ नेगेटिव कंटेंट पर क्यों पहुंचा मामला कोर्ट तक?

फिल्म की रिलीज से पहले ही ‘Toxic’ को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही थीं। फिल्म को लेकर कुछ लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, तो कुछ ने इसकी कहानी, ट्रीटमेंट और दूसरे पहलुओं पर सवाल उठाए। मेकर्स का पक्ष यह है कि केवल आलोचना या नकारात्मक राय नहीं, बल्कि कुछ ऑनलाइन कंटेंट कथित तौर पर ऐसी सीमा पार कर रहा था, जिसे वे झूठा और मानहानिकारक मानते हैं। इसी वजह से उन्होंने कानूनी संरक्षण की मांग की।

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कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

बेंगलुरु की अदालत ने मेकर्स की याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए कथित तौर पर false, malicious, defamatory or derogatory कंटेंट के प्रसार पर रोक लगाई। हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत के आदेश का मतलब यह नहीं है कि फिल्म की हर तरह की नकारात्मक समीक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रिपोर्ट्स में स्पष्ट किया गया है कि फिल्म की आलोचना या नेगेटिव रिव्यू अपने आप में प्रतिबंधित नहीं हैं। कानूनी मुद्दा उस कंटेंट को लेकर है जिसे मेकर्स कथित तौर पर मानहानिकारक या झूठा बता रहे हैं। यानी किसी फिल्म को पसंद न करना, उसकी कहानी या एक्टिंग की आलोचना करना और किसी के खिलाफ कथित तौर पर झूठे या मानहानिकारक दावे करना—इन दोनों के बीच कानूनी अंतर है।

क्या YouTubers और Influencers को भेजे गए लीगल नोटिस?

फिल्म रिलीज के बाद यह मामला और चर्चा में तब आया जब एक YouTuber ने कथित तौर पर फिल्म के प्रोड्यूसर्स की ओर से भेजा गया लीगल नोटिस सार्वजनिक किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटिस फिल्म के एक रिव्यू के बाद भेजा गया था। इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह बहस शुरू हो गई कि क्या फिल्म के मेकर्स ने नेगेटिव रिव्यू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे सीधे तौर पर ‘नेगेटिव रिव्यू पर बैन’ कहना सही नहीं होगा। अदालत का अंतरिम आदेश कथित झूठे और मानहानिकारक कंटेंट पर केंद्रित है और आलोचना तथा मानहानि के बीच अंतर किया गया है।

फिल्म रिलीज से पहले ही लिया गया था कानूनी रास्ता

दिलचस्प बात यह है कि यह कानूनी कदम फिल्म की रिलीज से पहले ही शुरू हो गया था। ‘Toxic’ 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जबकि बेंगलुरु कोर्ट का अंतरिम आदेश 22 अगस्त का है। यानी मेकर्स ने फिल्म के थिएट्रिकल रिलीज से पहले ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर कानूनी सुरक्षा मांग ली थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका उद्देश्य फिल्म की प्रतिष्ठा को कथित तौर पर झूठे या मानहानिकारक कंटेंट से बचाना था।

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‘Toxic’ को लेकर पहले से चल रहा था विवाद

‘Toxic’ की रिलीज से पहले भी फिल्म कई वजहों से चर्चा में रही। फिल्म के ट्रेलर और गानों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आई थीं। खासकर महिलाओं के चित्रण को लेकर उठे सवालों पर यश ने भी अपना पक्ष रखा था। यश ने फिल्म का बचाव करते हुए कहा था कि ट्रेलर पूरी फिल्म की थीम को नहीं दर्शाता और फिल्म में महिलाओं को अपनी आवाज देने की कोशिश की गई है। उन्होंने निर्देशक गीतू मोहनदास की सोच और विजन पर भी भरोसा जताया था।

‘Toxic’ में कौन-कौन हैं?

‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को यश की ‘KGF: Chapter 2’ के बाद बड़ी वापसी के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में रिलीज से पहले ही इसके लिए दर्शकों के बीच काफी उत्साह था।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल यह पूरा मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तरफ फिल्म को लेकर दर्शकों और क्रिटिक्स की राय सामने आ रही है, वहीं दूसरी तरफ मेकर्स ऑनलाइन कंटेंट को लेकर कानूनी रास्ता अपना रहे हैं। अदालत का मौजूदा अंतरिम आदेश 28 सितंबर तक प्रभावी बताया गया है और मामले की आगे की सुनवाई इसी अवधि के बाद महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘Toxic’ से जुड़े लीगल नोटिस का मामला किस दिशा में जाता है और क्या फिल्म के मेकर्स द्वारा मानहानिकारक बताए जा रहे ऑनलाइन कंटेंट को लेकर आगे कोई बड़ा कानूनी फैसला सामने आता है।