Rakhi Removal Rules: रक्षाबंधन के बाद कलाई से राखी कब उतारें? कोई इसे 24 घंटे में, तो कोई जन्माष्टमी पर उतारता है। जानिए राखी बांधे रखने और उतारने का सही नियम।

Raksha Bandhan Removal Rules: रक्षाबंधन के दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके लंबे जिंदगी-खुशहाली की कामना करती है। लेकिन राखी बंधवाने के बाद अक्सर लोगों के मन में एक सवाल आता है कि इसे आखिर कितने दिन तक कलाई पर रखना चाहिए? कोई 3 दिन कहता है, कोई 7 दिन और कुछ लोग इसे तब तक पहनकर रखते हैं, जब तक राखी अपने आप न खुल जाए। अगर आप भी इसे लेकर कन्फ्यूज हैं, तो आइए जानते हैं कि अलग-अलग परंपराओं में क्या नियम हैं और इसे उतारने का सबसे सही तरीका क्या है...

क्या राखी उतारने का कोई फिक्स समय है?

राखी उतारने को लेकर कोई एक फिक्स तारीख नहीं होती। भारत के अलग-अलग राज्यों और परिवारों में अपनी-अपनी मान्यताएं हैं। यही कारण है कि लोग अलग-अलग जवाब बताते हैं या अपने हिसाब से इसे कलाई से उतारते हैं।

राखी कितने दिन तक कलाई पर रखनी चाहिए?

24 घंटे का नियम

कई परिवारों में मान्यता है कि पूर्णिमा का पर्व खत्म होने के अगले दिन सुबह पूजा करके राखी खोली जा सकती है। यही कारण है कि अगले दिन सूर्योदय तक कुछ लोग इसे उतार देते हैं।

जन्माष्टमी तक यानी 8 दिन बाद

सबसे ज्यादा लोग रक्षाबंधन से लेकर कृष्ण जन्माष्टमी तक राखी बांधकर रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी के पावन दिन भगवान कृष्ण की पूजा के बाद ही रक्षासूत्र उतारा जाता है।

पितृ पक्ष या अनंत चतुर्दशी तक

महाराष्ट्र और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लोग गणेश उत्सव के समापन यानी अनंत चतुर्दशी तक राखी पहनते हैं, जबकि कुछ जगहों पर पितृ पक्ष शुरू होने से पहले इसे उतारने का नियम है।

खुद से टूटने तक

बहुत से लोग मानते हैं कि जब तक धागा मैला होकर या कमजोर होकर खुद न उतरे, तब तक इसे कलाई से नहीं काटना चाहिए।

कलाई से राखी उतारते वक्त कभी न करें ये 3 गलतियां

  1. रक्षासूत्र को कैंची या ब्लेड से काटना अशुभ माना जाता है। इसे हमेशा हाथ से धीरे-धीरे खोलना चाहिए।
  2. राखी को कूड़ेदान में न फेंकें। यह सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि बहन का प्यार और आशीर्वाद है। इसे कभी भी आम कचरे में न डालें।
  3. जब भी राखी खोलें, पहले हाथ धो लें या पूजा स्थल के पास बैठकर ही इसे उतारें। इसे गंदे हाथों से न छुएं।

उतारने के बाद पुरानी राखी का क्या करें?

  • राखी को आदर के साथ पीपल, बरगद या तुलसी के पौधे की मिट्टी में दबा दें या जड़ के पास रख दें।
  • अगर आपके घर के पास कोई साफ नदी, नहर या तालाब है, तो वहां विसर्जित या प्रवाहित कर सकते हैं।
  • अगर राखी चांदी की है या बहुत सुंदर है, तो उसे गंगाजल से धोकर अपनी तिजोरी या पूजा घर में सुरक्षित रख सकते हैं। यानी यादगार के तौर पर संभालकर रख सकते हैं।