Bank Strike Latest News : देश भर की बैंक यूनियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल से बैंकों की ब्रांच में होने वाले सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं आखिर बैंकर्स क्यों यह स्ट्राइक करने जा रहे हैं?

नई दिल्ली: शुक्रवार यानि 11 सितंबर को देश के अधिकतर बैंक बंद रहेंगे। इसलिए अगर आप बैंक जाने और कोई अपना जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह पता कर लेना कि आपके शहर के बैंको में भी तो हड़ताल नहीं है। तो आइए जानते हैं कि आखिर इन बैंकर्स की क्या मांगे हैं, जो देशव्यापी स्ट्राइक करने जा रहे हैं। क्या वो हड़ताल करने की बडी़ वजह…

क्या है इस हड़ताल के पीछे सबसे बड़ी वजह

  • देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के दिल्ली अध्यक्ष और अखिल भारतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुशल गुप्ता ने बताया है कि इस हड़ताल के पीछे सबसे बड़ी वजह हफ़्ते में 5 दिन बैंकिंग की मांग है।
  • गुप्ता ने ANI से कहा, "इसके पीछे कई कारण हैं। हमने उनमें से चार वजहों को सामने रखा है। लेकिन सबसे अहम वजह हफ़्ते में 5 दिन की बैंकिंग है। यह एक ऐसी मांग है जो बैंकर्स के लिए बहुत ज़रूरी हो गई है।"
  • बैंक कर्मचारियों पर काम के बोझ का ज़िक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि बैंकर्स दिन-रात मेहनत करते हैं और मौजूदा सिस्टम की वजह से उनकी वर्क-लाइफ बैलेंस पर बुरा असर पड़ रहा है।
  • उन्होंने कहा, "हमारे साथी दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। इससे उनकी निजी और कामकाजी ज़िंदगी का संतुलन बिगड़ रहा है।"
  • गुप्ता ने यह भी कहा कि आजकल डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं हर जगह मौजूद हैं, इसलिए अगर बैंक की ब्रांच एक दिन बंद भी रहती है तो ग्राहकों को कोई खास परेशानी नहीं होगी।
  • उन्होंने कहा, "हमारे पास एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं हैं। अगर बैंक कर्मचारी एक दिन के लिए उपलब्ध नहीं भी होते हैं, तो आम लोगों को कोई दिक्कत नहीं होगी।"

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छुट्टी को लेकर 2015 में हुआ था एक समझौता

  • कुशल गुप्ता ने बताया हफ़्ते में 5 दिन काम की मांग पहली बार 2012 में उठाई गई थी। इसके बाद 2015 में एक समझौता हुआ, जिसके तहत बैंक कर्मचारियों को हर महीने दो शनिवार की छुट्टी दी जाने लगी।
  • गुप्ता ने कहा, "हमने यह मांग पहली बार 2012 में की थी। 2015 में एक लिखित समझौते के तहत हमें दो शनिवार की छुट्टी मिली, यानी साल में 24 शनिवार की छुट्टी।"

क्या डिजिटल बैंकिंग चैनल और एटीएम भी रहेंगे बंद

  • बैंक यूनियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिसमें हफ़्ते में 5 दिन काम लागू करना मुख्य मुद्दा है। इस हड़ताल से बैंकों की ब्रांच में होने वाले सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग चैनल और एटीएम कई सेवाओं के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
  • हफ़्ते में 5 दिन काम की मांग कई सालों से अटकी हुई है। यूनियनों के मुताबिक, बैंक 2015 में ही सैद्धांतिक रूप से 5-डे वीक पर सहमत हो गए थे, जब दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी घोषित की गई थी।
  • इस मुद्दे पर 2020 में फिर से बात हुई और बाद में 8 मार्च, 2024 को हुए वेतन समझौते के ज़रिए इसे औपचारिक रूप दिया गया। इस व्यवस्था के तहत, बैंक कर्मचारी सभी शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन 40 मिनट ज़्यादा काम करने पर सहमत हुए थे।