Bihar Vidya Sahi Scheme: बिहार सरकार ने 9वीं से 12वीं और JEE-NEET की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए 'विद्या सही' प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत 700 मॉडल स्कूलों में 24x7 लाइव ट्यूटर सपोर्ट मिलेगा।
Bihar Education Scheme: बिहार सरकार ने राज्य के छात्रों के लिए एक बड़ी पहल की है। 'विद्या सही' नाम से एक नया कार्यक्रम लॉन्च किया गया है, जिसका मकसद छात्रों को पढ़ाई में हर वक्त मदद पहुंचाना है। यह प्रोग्राम खास तौर पर 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों और इंजीनियरिंग (JEE) व मेडिकल (NEET) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका 24x7 सपोर्ट सिस्टम है। यानी अब छात्र दिन हो या रात, किसी भी समय अपनी पढ़ाई से जुड़ी मुश्किलों के लिए मदद ले सकते हैं। यह सुविधा उन्हें लाइव ट्यूटर के जरिए मिलेगी, जिससे वे सीधे अपने सवाल पूछकर शंकाएं दूर कर सकेंगे।
क्या है 'विद्या सही' और किसे मिलेगा फायदा?
'विद्या सही' कार्यक्रम को बिहार सरकार ने अकादमिक सहायता को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए डिजाइन किया है। कई बार छात्र स्कूल या कोचिंग के बाद घर पर पढ़ते हुए अटक जाते हैं और उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। यह कार्यक्रम इसी कमी को दूर करने की एक कोशिश है।
इसका सीधा फायदा उन लाखों छात्रों को मिलेगा जो बिहार बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, जो छात्र महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते, उनके लिए JEE और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी में यह एक बड़ा सहारा बन सकता है। यह पहल शिक्षा में बराबरी लाने की दिशा में भी एक कदम मानी जा रही है।
700 मॉडल स्कूलों से होगी शुरुआत
सरकार इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। शुरुआती दौर में, 'विद्या सही' प्रोग्राम को राज्य के 700 मॉडल स्कूलों में शुरू किया जाएगा। इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठाने वाले पहले बैच होंगे।
जाहिर है, इन स्कूलों में कार्यक्रम की सफलता और नतीजों के आधार पर ही सरकार इसके भविष्य के विस्तार पर कोई फैसला लेगी। अगर यह पहल कामयाब रहती है, तो आने वाले समय में इसे राज्य के और भी स्कूलों तक पहुंचाया जा सकता है।
फिलहाल, इस कार्यक्रम के लॉन्च ने उन छात्रों और अभिभावकों में एक उम्मीद जगाई है जो बेहतर अकादमिक सपोर्ट की तलाश में थे। अब देखना यह होगा कि यह 24 घंटे चलने वाला 'विद्या सही' क्लासरूम जमीन पर कितना कारगर साबित होता है।
