Nepal Flash Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 600 के पार हो गई है और 1924 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 320 भारतीय भी शामिल हैं। सुरंगों में फंसे लोगों को खोजने के लिए भारत से एक एक्सपर्ट टीम नेपाल पहुंच गई है।
Nepal Flood Death Toll, काठमांडू: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और उसके बाद बने हालात में मरने वालों की संख्या 600 के पार पहुंच गई है। नेपाल सरकार के मुताबिक, अब तक 1924 लोग लापता हैं। शुरुआती जानकारी में करीब 1000 लोगों के लापता होने की बात कही गई थी, लेकिन अब यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है। लापता लोगों में 993 लोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले 993 लोग लापता
नेपाल में बाढ़ के बाद कई इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को लेकर है, जो हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ऐसे 993 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा करीब 500 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
320 भारतीयों समेत कई विदेशी नागरिकों की तलाश जारी
लापता विदेशी नागरिकों में बड़ी संख्या भारतीयों की है। जानकारी के मुताबिक, करीब 320 भारतीय नागरिकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इसके अलावा 100 से ज्यादा भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की खबर है। भारत सरकार लगातार नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए भारत ने भेजी एक्सपर्ट टीम
नेपाल में राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारत ने एक विशेष एक्सपर्ट टीम भेजी है। यह टीम खास तौर पर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान में मदद करेगी। बाढ़ से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और उनके आसपास के इलाके प्रभावित हुए हैं, जिससे सुरंगों में फंसे लोगों को निकालना चुनौती बना हुआ है।
यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद का सिलसिला शुरू हो गया है। यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने नेपाल को तत्काल आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही अलग-अलग एजेंसियां राहत और बचाव कार्यों में नेपाल की मदद कर रही हैं।
तिब्बत से 149 लोग सुरक्षित नेपाल पहुंचे
नेपाल में जारी राहत अभियान के बीच विदेश मंत्रालय ने 149 लोगों की एक सूची जारी की है, जो तिब्बत से सुरक्षित निकलकर नेपाल पहुंच गए हैं। इस सूची में ज्यादातर लोग गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के रहने वाले बताए गए हैं। इससे उन परिवारों को राहत मिली है, जो अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे थे।
84 भारतीयों का चला पता, 21 को भारत वापस लाया गया
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नेपाल में अब तक 84 भारतीयों का पता लगाया जा चुका है। इनमें से बचाए गए 21 भारतीयों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। उन्होंने बताया कि भारत लौटने वाले शुरुआती जत्थे में तमिलनाडु के लोग शामिल थे।
तिब्बत में फंसे 96 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तिब्बती इलाके में फंसे 96 भारतीय भी सुरक्षित रूप से नेपाल की ओर पहुंच गए हैं। इसके अलावा तिब्बत में मौजूद करीब 400 अन्य भारतीयों के भी सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। भारतीय अधिकारियों की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।
त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से 63 लोगों को बचाया गया
बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में फंसे 63 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, प्रोजेक्ट के आसपास बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और अभी भी कई लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
भारतीयों की मौत को लेकर अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं
रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि बाढ़ में कितने भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, इसे लेकर अभी कोई पक्की जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने की है। इसी उद्देश्य से भारत ने सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेषज्ञ टीम नेपाल भेजी है।
नेपाल में राहत-बचाव अभियान लगातार जारी
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण राहत और बचाव एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। नेपाल सरकार के साथ भारत और अन्य देशों की टीमें भी बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं। आने वाले दिनों में लापता लोगों की संख्या और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।
