राम मंदिर के दान की गिनती में बड़ा बदलाव! बिना जेब की यूनिफॉर्म, सख्त तलाशी और 180 दिन CCTV निगरानी क्यों? अयोध्या राम मंदिर में दान की गिनती को लेकर क्यों बदले गए सारे नियम और कैसे रोका जाएगा हेराफेरी का हर रास्ता? जानिए ट्रस्ट का पूरा प्लान।
Ram Mandir Donation Security: अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में रोजाना उमड़ रहे श्रद्धालुओं के सैलाब और करोड़ों रुपये के अर्पण को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बेहद सख्त, अत्याधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। दान की गिनती, पैकेजिंग, निगरानी और ट्रांसपोर्टेशन में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या सुरक्षा चूक को रोकने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
आखिर बिना जेब की यूनिफॉर्म की जरूरत क्यों पड़ी?
सूत्रों के मुताबिक, दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए नई यूनिफॉर्म में जेब नहीं रखी गई है। यह व्यवस्था पहले ही लागू की जा चुकी है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य गिनती केंद्र से नकदी या किसी अन्य सामान को बाहर ले जाने की आशंका को कम करना है। इसके साथ ही गिनती केंद्र के प्रवेश और निकास द्वार पर कर्मचारियों की तलाशी भी पहले की तुलना में अधिक सख्ती से की जा रही है। यानी अब दान गिनने वाले कमरे में कर्मचारी कब दाखिल हुए, कब बाहर निकले और उनके पास क्या था—इन तमाम पहलुओं पर ज्यादा निगरानी रखने की कोशिश है।
अब छह महीने तक महफूज रहेगी तीसरी आंख की फुटेज
डिजिटल निगरानी को और मजबूत करते हुए ट्रस्ट ने दान-कक्ष की सुरक्षा में लगे सीसीटीवी तंत्र को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। जहाँ पहले सीसीटीवी फुटेज केवल पैंतालीस दिनों तक सुरक्षित रखी जाती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर पूरे एक सौ अस्सी दिनों यानी छह महीने कर दिया गया है। इसके अलावा, साधारण कैमरों की जगह अब अत्याधुनिक पीटीजेड (पैन, टिल्ट और ज़ूम) कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से अधिकारी किसी भी संदिग्ध हलचल या कर्मचारी के हाथों की गतिविधि को सीधा ज़ूम करके बारीकी से देख सकेंगे।
कड़े सुरक्षा घेरे में बैंक तक पहुंचेगा कैश, अनुबंध कर्मियों पर पुनर्विचार की सलाह
मंदिर परिसर से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा तक नकद ले जाने के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब नोटों के बंडलों को गिनती केंद्र के भीतर ही एक ही बार में सुरक्षित रूप से सील किया जाएगा और मंदिर परिसर के अंदर ही बैंक की बख्तरबंद गाड़ी में लोड किया जाएगा। दूसरी ओर, ट्रस्ट ने एसबीआई को सलाह दी है कि इस अति-संवेदनशील कार्य के लिए ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के बजाय अपने स्थायी और अनुभवी पेरोल कर्मचारियों को तैनात करे।
अब राम मंदिर को मिलेगा नया CEO, 5,585 आवेदनों से 16 तक पहुंची रेस
इन सुरक्षा बदलावों के बीच ट्रस्ट नए CEO के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है। CEO के चयन के लिए बनी सर्च कमेटी ने इंटरव्यू का अंतिम दौर 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में पूरा किया। इस पद के लिए शुरुआत में 5,585 आवेदन मिले थे। इनमें से 3,877 आवेदनों के साथ विस्तृत CV प्राप्त हुए। जांच के बाद 1,580 उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया और ऑनलाइन बातचीत के लिए करीब 111 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। आखिरकार रेस 16 उम्मीदवारों तक पहुंची। इनमें डिफेंस, ब्यूरोक्रेसी, कॉरपोरेट, इंडस्ट्री, एजुकेशन और IT क्षेत्र के अनुभवी लोग शामिल हैं।
तीन नाम जाएंगे ट्रस्ट के पास, फिर होगा अंतिम फैसला
सर्च कमेटी उम्मीदवारों की लीडरशिप, मैनेजमेंट क्षमता, बड़े आयोजनों और भीड़ को संभालने का अनुभव, टेक्नोलॉजी की समझ, कम्युनिकेशन, विजन और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग जैसे पहलुओं पर मूल्यांकन करेगी। कमेटी अंतिम तौर पर तीन नामों का पैनल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद अंतिम CEO नियुक्ति का फैसला ट्रस्ट करेगा।
दान से CEO तक-बढ़ते दायरे के साथ बढ़ी जवाबदेही
राम मंदिर में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और दान के बड़े पैमाने को देखते हुए ट्रस्ट की नई व्यवस्था का फोकस सिर्फ कैश की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। दान की गिनती, CCTV निगरानी, कर्मचारियों की जवाबदेही, पैकिंग, बैंक ट्रांसफर और प्रशासनिक नेतृत्व-पूरे सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यानी राम मंदिर में दान गिनने की प्रक्रिया अब सिर्फ नोटों की गिनती नहीं, बल्कि हर कदम की निगरानी और जवाबदेही वाले एक नए सिस्टम में बदलती दिखाई दे रही है।
नया सीईओ चुनने का अंतिम दौर जारी
सुरक्षा में यह बड़ा उलटफेर ऐसे समय पर हो रहा है जब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के अंतिम चरण में है। हजारों आवेदनों की गहन जांच के बाद देश भर के दिग्गज रक्षा, प्रशासनिक और कॉर्पोरेट विशेषज्ञों में से अंतिम सोलह उम्मीदवारों के साक्षात्कार अयोध्या में पूरे किए जा चुके हैं। सर्च कमेटी जल्द ही तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद नए सीईओ के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।


