
मार्क्स नहीं, टैलेंट देखिए! 'तारे ज़मीन पर' ने Parents को दिया झकझोर देने वाला संदेश
फिल्म 'तारे ज़मीन पर'का मुख्य उद्देश्य समाज और अभिभावकों को यह समझाना है कि हर बच्चा खास और अनोखा होता है। यह फिल्म डिस्लेक्सिया जैसी लर्निंग डिफिकल्टी के प्रति जागरूकता फैलाती है और यह संदेश देती है कि बच्चों पर पढ़ाई का अनुचित दबाव बनाने के बजाय उनके अनोखे टैलेंट को पहचानना और उन्हें प्यार व सही मार्गदर्शन देना ज़रूरी है