MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
TRENDING :
Ganesh Chaturthi Wishes in Hindi
Hartalika Teej Wishes in Hindi
Satna Crime
Osama Bin Laden
BRICS Summit
Nagpur Crime
BRICS Summit 2026
Journalist Divya Shrivastava
Air India Pilot Death
BRICS Summit 2026
BRICS New Delhi Declaration 2026
US California Crime
BRICS Summit 2026
Bernard Arnault
Modi-Anwar Ibrahim
BRICS Summit Putin Body Double
BRICS Summit 2026
BRICS Summit 2026
BRICS Summit
BRICS Summit 2026 Photos
BRICS Summit Viral Video
Top 10 Morning News
Haiwaan Film Review
BRICS Summit
Kal Ka Rashifal
Bank Strike 2026
Toxic Box Office Collection
Xi Jinping India Visit
Delhi Rare Medical Case
Haiwaan Advance Booking & Box Office
BRICS Summit 2026
Hanuman Ansh Box Office Collection
Abhijit Dipke Manoj Jarange Strike
UP Mau Hospital Case
H-1B Visa
BRICS Summit
Putin India Visit
Top 10 Morning News
Mirzapur The Movie Box Office Collection
Aaj Ka Rashifal
  • Home
  • Religion
  • गणेश जी के 12 मंदिरों की अजब-गजब कहानीः कहीं खुद प्रकट हुए गणपति तो कहीं रुक गई बैलगाड़ी

गणेश जी के 12 मंदिरों की अजब-गजब कहानीः कहीं खुद प्रकट हुए गणपति तो कहीं रुक गई बैलगाड़ी

famous Ganesh temples in India: इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन प्रमुख गणेश मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती हैं। इनमें से कुछ गणेश मंदिरों से रोचक कथाएं और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।

6 Min read
Author : Manish Meharele
Published : Sep 14 2026, 11:45 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
113
ये हैं भारत के 12 फेमस गणेश मंदिर
Image Credit : ChatGPT

ये हैं भारत के 12 फेमस गणेश मंदिर

भारत में भगवान गणेश के हजारों छोटे-बड़े मंदिर हैं। लेकिन कुछ मंदिर ऐसे हैं, जिनसे जुड़ी कहानियां उन्हें बाकी जगहों से अलग बनाती हैं। कहीं पर मान्यता है कि गणेश जी स्वयं प्रकट हुए, कहीं किसी राजा को सपने में दर्शन देने की कहानी मिलती है तो कहीं गणपति ने किसी भक्त की परीक्षा ली। इस फोटो स्टोरी में जानते हैं ऐसे ही फेमस गणेश मंदिरों की कहानियां, जहां आज भी भक्त इन मान्यताओं को श्रद्धा के साथ याद करते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
213
बल्लालेश्वर गणपति, पाली-बाल भक्त बल्लाल की कहानी
Image Credit : Social Media

बल्लालेश्वर गणपति, पाली-बाल भक्त बल्लाल की कहानी

कहां है: पाली, रायगढ़, महाराष्ट्र

पाली के बल्लालेश्वर मंदिर की पहचान एक बाल भक्त बल्लाल की कथा से जुड़ी है। मान्यता के अनुसार- बल्लाल गणेश जी के बहुत बड़े भक्त थे और बच्चों के साथ गणेश पूजा किया करते थे। उनके पिता को यह पसंद नहीं था और उन्होंने गणेश की प्रतिमा को फेंक दिया। बल्लाल की भक्ति से प्रसन्न होकर गणेश जी ने उसे दर्शन दिए। इसी भक्त के नाम पर गणेश जी को यहां बल्लालेश्वर कहा गया।

313
चिंतामणि गणपति, थेऊर - खोए हुए रत्न की कथा
Image Credit : Social Media

चिंतामणि गणपति, थेऊर - खोए हुए रत्न की कथा

कहां है: थेऊर, पुणे जिला, महाराष्ट्र

थेऊर के चिंतामणि गणपति की कहानी एक खास रत्न से जुड़ी है। कथा के अनुसार- ऋषि कपिल के पास चिंतामणि नाम का ऐसा रत्न था, जो मनोकामना पूरी करने वाला माना जाता था। राजा गण ने उस रत्न को हासिल कर लिया। इसके बाद कपिल ने गणेश जी से मदद मांगी। गणेश जी ने राजा से रत्न वापस लेकर कपिल को दे दिया। कपिल ने रत्न को फिर गणेश जी को समर्पित कर दिया और इसी वजह से गणेश जी का नाम चिंतामणि पड़ा।


ये भी पढ़ें-
Ganesh Bhajan Lyrics: ‘घर में पधारो गजाननजी’, सुनें ऐसे ही 10 सुपरहिट भजन, बनी रहेगी बाप्पा की कृपा

413
गिरिजात्मज गणपति, लेण्याद्री - पहाड़ की गुफा में गणपति
Image Credit : Social Media

गिरिजात्मज गणपति, लेण्याद्री - पहाड़ की गुफा में गणपति

कहां है: लेण्याद्री, पुणे जिला, महाराष्ट्र

लेण्याद्री का गिरिजात्मज गणपति अष्टविनायक के सबसे अलग मंदिरों में से एक है। यह मंदिर एक प्राचीन चट्टान काटकर बनाई गई गुफा में स्थित है। धार्मिक मान्यता में इसे माता पार्वती की तपस्या और गणेश जी के बाल रूप से जोड़ा जाता है। पार्वती ने यहां गणेश जी को पुत्र के रूप में पाने के लिए तप किया था। मंदिर की लोकेशन भी इसे खास बनाती है, क्योंकि भक्तों को पहाड़ी पर बने गुफा मंदिर तक पहुंचना पड़ता है।


ये भी पढ़ें-
Ganesh Chaturthi Muhurat 2026: घर, दुकान और ऑफिस में कब करें गणेश स्थापना? जानें दिन भर के मुहूर्त

513
कनिपकम विनायक मंदिर, आंध्र प्रदेश- कुएं से प्रकट होने की मान्यता
Image Credit : Social Media

कनिपकम विनायक मंदिर, आंध्र प्रदेश- कुएं से प्रकट होने की मान्यता

कहां है: कनिपकम, चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश

कनिपकम का श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर अपनी एक बेहद अलग धार्मिक मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। कथा के अनुसार- 3 भाई खेत में पानी के लिए कुआं खोद रहे थे। खुदाई के दौरान उन्हें एक कठोर चीज मिली। आगे खुदाई करने पर खून जैसा लाल पानी निकलने लगा और तीनों भाइयों की परेशानियां दूर हो गई। इसके बाद वहां गणेश जी की प्रतिमा मिलने की कहानी प्रचलित है। आज भी प्रतिमा कुएं के पानी वाले हिस्से में दिखाई देती है।

613
मयूरेश्वर गणपति, मोरगांव-अष्टविनायक यात्रा का पहला पड़ाव
Image Credit : Social Media

मयूरेश्वर गणपति, मोरगांव-अष्टविनायक यात्रा का पहला पड़ाव

कहां है: मोरगांव, पुणे जिला, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र की अष्टविनायक यात्रा में मोरगांव के मयूरेश्वर गणपति का खास स्थान है। गणेश जी के मयूरेश्वर स्वरूप से जुड़ी अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं। एक लोकप्रिय मान्यता गणेश जी के उस रूप से जुड़ी है जिसमें उन्होंने मोर को वाहन बनाया था। अष्टविनायक यात्रा की पारंपरिक सूची में मोरगांव को पहला मंदिर माना जाता है और यात्रा का समापन भी दोबारा यहीं लौटकर करने की परंपरा है।

713
सिद्धिविनायक, सिद्धटेक-भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ी मान्यता
Image Credit : Social Media

सिद्धिविनायक, सिद्धटेक-भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ी मान्यता

कहां है: सिद्धटेक, महाराष्ट्र

अष्टविनायक के दूसरे मंदिर के रूप में सिद्धटेक के सिद्धिविनायक को माना जाता है। कथा में भगवान विष्णु और गणेश जी का संबंध बताया जाता है। मान्यता के अनुसार- एक कठिन परिस्थिति में भगवान विष्णु ने गणेश जी की पूजा की और इसके बाद उन्हें सफलता मिली। इसी कारण यहां गणेश जी को सिद्धि देने वाले विनायक के रूप में पूजा जाता है।

813
विघ्नेश्वर गणपति, ओझर - विघ्नासुर की कथा
Image Credit : Social Media

विघ्नेश्वर गणपति, ओझर - विघ्नासुर की कथा

कहां है: ओझर, पुणे जिला, महाराष्ट्र

ओझर का विघ्नेश्वर मंदिर अष्टविनायक के 8 प्रमुख मंदिरों में शामिल है। यहां गणेश जी को विघ्नों को दूर करने वाले रूप में पूजा जाता है। कथा के अनुसार- विघ्नासुर नाम का एक राक्षस लोगों के काम में बाधा डालता था। गणेश जी ने उसका सामना किया और उसे पराजित किया। इसके बाद गणेश जी का नाम विघ्नेश्वर यानी विघ्नों के स्वामी के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

913
चिंतामण गणेश, उज्जैन - स्वयंभू होने की मान्यता
Image Credit : Social Media

चिंतामण गणेश, उज्जैन - स्वयंभू होने की मान्यता

कहां है: उज्जैन, मध्य प्रदेश

उज्जैन का चिंतामण गणेश मंदिर भी अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण खास है। यहां की गणेश प्रतिमा को स्वयंभू मानने की परंपरा है। गणेश जी को यहां ‘चिंतामण’ और चिंता दूर करने वाले स्वरूप से जोड़ा जाता है। मंदिर क्षिप्रा नदी के पास स्थित है और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के बीच इसका खास महत्व है।

1013
त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभौर-सपने में दर्शन की कहानी
Image Credit : Social Media

त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभौर-सपने में दर्शन की कहानी

कहां है: रणथंभौर किला, सवाई माधोपुर, राजस्थान

रणथंभौर का त्रिनेत्र गणेश मंदिर अपने 3 नेत्र वाले गणेश स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है। कथा के अनुसार- रणथंभौर के राजा हम्मीर के समय किले में लंबे युद्ध के दौरान खाने-पीने का सामान खत्म होने लगा था। मान्यता है- गणेश जी राजा के सपने में आए और परेशानी खत्म होने का भरोसा दिया। अगली सुबह किले की दीवार पर गणेश जी के 3 नेत्र वाला स्वरूप हुआ। शादी या किसी बड़े शुभ काम से पहले पहला निमंत्रण गणेश जी को देने की बात भी फेमस है।

1113
उच्छी पिल्लयार मंदिर, तमिलनाडु - रामायण से जुड़ी कहानी
Image Credit : Social Media

उच्छी पिल्लयार मंदिर, तमिलनाडु - रामायण से जुड़ी कहानी

कहां है: तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में पहाड़ी की चोटी पर स्थित उच्छी पिल्लयार मंदिर से एक प्रसिद्ध धार्मिक कथा जुड़ी है। कहा जाता है कि रामायण के बाद विभीषण भगवान विष्णु की श्रीरंगनाथ प्रतिमा लेकर लंका जा रहे थे। रास्ते में गणेश जी बालक का रूप लेकर आए और प्रतिमा कुछ समय के लिए उन्हें सौंप दी गई। गणेश जी ने प्रतिमा को जमीन पर रख दिया और वह वहीं स्थापित हो गई। विभीषण उन्हें पकड़ने दौड़े तो गणेश जी पहाड़ी की ओर चले गए। इसी वजह से यहां उच्छी पिल्लयार यानी पहाड़ी की चोटी के गणेश की मान्यता है।

1213
गणपतिपुले मंदिर, महाराष्ट्र-समुद्र की ओर नहीं, समुद्र से जुड़ी आस्था
Image Credit : Social Media

गणपतिपुले मंदिर, महाराष्ट्र-समुद्र की ओर नहीं, समुद्र से जुड़ी आस्था

कहां है: रत्नागिरी, महाराष्ट्र

गणपतिपुले का गणेश मंदिर समुद्र के किनारे स्थित होने के कारण भी खास दिखाई देता है। यहां गणेश जी को स्वयंभू माना जाता है। प्राचीन धार्मिक साहित्य में इस स्थान को ‘पश्चिम द्वार देवता’ से जोड़ा गया है। कथा में बालभटजी भिड़े नाम के व्यक्ति और उनकी परेशानी से जुड़ी कहानी भी मिलती है, जिसके बाद गणेश जी के यहां प्रकट होने की मान्यता बताई जाती है।

1313
मोती डूंगरी गणेश मंदिर, जयपुर-जहां रुक गई बैलगाड़ी
Image Credit : Social Media

मोती डूंगरी गणेश मंदिर, जयपुर-जहां रुक गई बैलगाड़ी

कहां है: जयपुर, राजस्थान

जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर से जुड़ी कहानी भी काफी दिलचस्प है। कथा के अनुसार- मेवाड़ के राजा एक बड़ी गणेश प्रतिमा को बैलगाड़ी से लेकर लौट रहे थे। राजा ने तय किया था कि जिस जगह बैलगाड़ी पहली बार रुकेगी, वहीं गणेश मंदिर बनाया जाएगा। बैलगाड़ी मोती डूंगरी की पहाड़ी के नीचे रुक गई और उसी जगह मंदिर बनाया गया। मंदिर आज जयपुर के सबसे प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

About the Author

MM
Manish Meharele
मनीष मेहरेले। मीडिया में 19 साल का अनुभव, अभी एशियानेट न्यूज हिंदी के डिजिटल में काम कर रहे हैं। महाभारत, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का अच्छा ज्ञान है। ज्योतिष-हस्तरेखा, उपाय, वास्तु, कुंडली जैसे टॉपिक पर पकड़ है। यह जीव विज्ञान में बीएससी स्नातक हैं । करियर की शुरुआत स्थानीय अखबार दैनिक अवंतिका से की। 2010 से 2019 तक दैनिक भास्कर डॉट कॉम में धर्म डेस्क पर काम किया है।
गणेश चतुर्थी

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
घर में विराजे हैं बप्पा तो न करें ये 4 भूल! जानें दाईं या बाईं, किस सूंड वाले गणेश जी लाते हैं बरकत
Recommended image2
Hartalika Teej: गलती से पी लिया पानी या बिगड़ी तबीयत, तो क्या व्रत टूट जाएगा? जानें शास्त्रों का नियम
Recommended image3
Ganesh Bhajan Lyrics: ‘घर में पधारो गजाननजी’, सुनें ऐसे ही 10 सुपरहिट भजन, बनी रहेगी बाप्पा की कृपा
Recommended image4
Hartalika Teej Pujan Samgri: हरतालिका तीज की पूजा में क्या-क्या चाहिए? नोट करें पूरी सामग्री की लिस्ट
Recommended image5
Ganesh Chaturthi Muhurat 2026: घर, दुकान और ऑफिस में कब करें गणेश स्थापना? जानें दिन भर के मुहूर्त
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved