मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड की कई सड़क परियोजनाओं को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने के प्रस्तावों पर कार्रवाई शुरू की है।

उत्तराखण्ड की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री धामी को पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि उत्तराखण्ड सरकार की ओर से भेजे गए सभी प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों के पास परीक्षण और विचार के लिए भेज दिया गया है। इन प्रस्तावों का तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।

National Highway Spur Proposal: किन परियोजनाओं को लेकर भेजा गया था प्रस्ताव?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर राज्य की कई अहम सड़क परियोजनाओं को राष्ट्रीय राजमार्गों के स्पर (सहायक शाखा मार्ग) के रूप में मंजूरी देने का अनुरोध किया था। इन प्रस्तावों में पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने की मांग की गई है।

अल्मोड़ा टनल परियोजना सहित कई सड़क मार्ग प्रस्तावित

राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में सिकुड़ा बैंड से एनटीडी (अल्मोड़ा) तक सुरंग सहित लगभग एक किलोमीटर मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-309बी के स्पर के रूप में अनुमोदित करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा निम्नलिखित महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को भी राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया है-

  • सेराघाट-बाड़ेछीना मोटर मार्ग (लगभग 45 किलोमीटर)
  • मरचूला-भिकियासैंण मोटर मार्ग (लगभग 72 किलोमीटर)
  • कालसी-चकराता मोटर मार्ग (लगभग 44 किलोमीटर)

राज्य सरकार ने कालसी-चकराता मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए और राष्ट्रीय राजमार्ग-507 के स्पर के रूप में विकसित करने का भी अनुरोध किया है।

नितिन गडकरी ने अधिकारियों को भेजे प्रस्ताव

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने जवाबी पत्र में स्पष्ट किया है कि उत्तराखण्ड सरकार की ओर से प्राप्त सभी प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों के पास परीक्षण और विचारार्थ भेज दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार इन परियोजनाओं को गंभीरता से देख रही है और आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद इन पर निर्णय लिया जा सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क देने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय, सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ने के बाद इन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाएं मजबूत होंगी और विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से पर्यटन, व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही लोगों की आवाजाही आसान होगी और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर बनेगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क संपर्क विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। यदि ये सड़कें राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा बनती हैं तो संबंधित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्मोड़ा, चकराता, भिकियासैंण और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच बनने से स्थानीय कारोबार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की विकास संबंधी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने और प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई शुरू करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और उत्तराखण्ड के सड़क ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य पूरा होगा।