Asianet News HindiAsianet News Hindi

कोरोनाकाल में मन के भय को कैसे जीते ? भागवत कथा वाचक संत ने दी सकारात्म रहने की सीख

May 29, 2021, 9:17 PM IST

वीडियो डेस्क। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हर तरफ नकारात्मकता का माहौल बना हुआ है। रोजाना बढ़ते मामले, आसपास के लोग और प्रियजनों के संक्रमित होने की खबरों और लॉकडाउन की स्थिति ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है। कोरोना की दूसरी लहर न सिर्फ इसलिए गंभीर है क्योंकि इस बार लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं, बल्कि ऐसी विकट समस्या तब वापस लौटी जब ऐसा लगने लगा था कि अब सबकुछ ठीक हो रहा है। इस तरह की परिस्थितियों ने लोगों को कई तरह से प्रभावित किया है जिसका असर स्पष्टतौर पर लोगों में तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ेपन के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में लोगों को अपने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कोरोना से भयभीत लोग कैसे सकारात्मक रहें ? अब हमें कैसे जीवन जीना है ?  इन प्रमुख सवालों के जवाब के लिए एशियानेट न्यूज हिन्दी के संवाददाता श्रीकांत सोनी ने जाने मध्य प्रदेश के प्रसिध्द भागवत कथा वाचक  संत भक्त पं. भगवती प्रसाद जी तिवारी से। पं. भगवती प्रसाद तिवारी देवास जिले के  ग्राम संदलपुर खातेगांव के रहने वाला है।

Video Top Stories