हर तीन में मर जाता है एक हाथी, जानें भारत इन बेजुबानों की दुर्दशा

वीडियो डेस्क। सदियों से हाथी भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं। बड़े बड़े युद्ध हों या फिर राजा महाराजाओं की सियासत की बात। जिसके बाद ज्यादा हाथी होते थे वही सबसे शक्तिशाली माना जाता था। हाथी की सवारी भी रसूख दार लोग करते थे। हाथियों के दातों को बेशकीमती माना जाता है और इसके लिए दांतों की तस्करी होती है। केरल में हाल ही में एक गर्भवती हथिनी की निर्मम हत्या ने भारत में हाथियों की अवस्था पर सवाल उठा दिए हैं। आइये जानते हैं भारत में क्या है हाथियों की स्थिती।

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वीडियो डेस्क। सदियों से हाथी भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं। बड़े बड़े युद्ध हों या फिर राजा महाराजाओं की सियासत की बात। जिसके बाद ज्यादा हाथी होते थे वही सबसे शक्तिशाली माना जाता था। हाथी की सवारी भी रसूख दार लोग करते थे। हाथियों के दातों को बेशकीमती माना जाता है और इसके लिए दांतों की तस्करी होती है। केरल में हाल ही में एक गर्भवती हथिनी की निर्मम हत्या ने भारत में हाथियों की अवस्था पर सवाल उठा दिए हैं। आइये जानते हैं भारत में क्या है हाथियों की स्थिती।
भारत में क्या है हाथियों की स्थिती
- हाथी जमीन पर रहने वाला सबसे विशाल जानवर है, इनका वजन 10 हजार से 32 हजार किलोग्राम तक हो सकता है।
- हाथी की सूंड में डेढ़ लाख से ज्यादा मांसपेशियां होती हैं, इनके दांत बेशकीमती होते हैं
- हाथी दिन भर में 150 किलो खाना खा लेते हैं, इनका अधिकतर समय खाना खाते हुए निकलता है
- भारत में करीब 6 हजार साल पहले इंसानों ने हाथियों को पालना शुरू कर दिया था।
- महाभारत के युद्ध में भी अश्वत्थामा नाम के हाथी का जिक्र किया गया है
- भारत में 10 साल पहले हाथियों की संख्या 10 लाख थी जो आज महज 27000 है
- भारत में करीब 2500 हाथियों को बंधक बनाकर रखा गया है
- 1800 हाथी ऐसे हैं जो मंदिरों में कैद हैं, केरल में 500 हाथी कैद हैं। 
- केरल में हर तीन दिन में एक हाथी की मौत हो जाती है।

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