Govinda Rs 100 Crore Defamation Case: अभिनेता गोविंदा ने अपनी निजी जिंदगी पर झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी किया है। इसमें ₹100 करोड़ तक के हर्जाने की चेतावनी दी गई है।

गोविंदा और सुनीता आहूजा के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ लेता नजर आ रहा है। अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार सामने आ रही खबरों और सोशल मीडिया चर्चाओं के बीच अभिनेता गोविंदा ने एक कड़ा पब्लिक नोटिस जारी कराया है। इसमें झूठी, मानहानिकारक, मनगढ़ंत और बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। खास बात यह है कि नोटिस में ₹100 करोड़ तक के हर्जाने का जिक्र किया गया है।

गोविंदा ने किसे दी चेतावनी?

रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदा की ओर से जारी नोटिस में सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स ही नहीं, बल्कि मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, कंटेंट क्रिएटर्स और यूट्यूब चैनलों को भी चेतावनी दी गई है। अभिनेता ने कहा है कि उनके और उनके परिवार से जुड़ी किसी भी झूठी, भ्रामक, दुर्भावनापूर्ण या अपुष्ट सामग्री को बनाया या शेयर नहीं किया जाना चाहिए। नोटिस में यह भी कहा गया है कि इस तरह की सामग्री के खिलाफ मानहानि, निजता के उल्लंघन, पहचान के गलत इस्तेमाल और साइबर अपराध से जुड़े लागू कानूनों के तहत सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई की जा सकती है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।

और पढ़ें - बॉक्स ऑफिस पर दिखेगी करीना कपूर और धनुष की फ्रेश जोड़ी, भंसाली की इस फिल्म में करेंगे काम

AI से बनाई गई फेक कंटेंट पर भी नजर

गोविंदा की ओर से जारी नोटिस में AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिए उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान या पर्सनल और फैमिली लाइफ से जुड़ी सामग्री को बनाने, बदलने या इस्तेमाल करने को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। यानी अभिनेता की टीम अब सिर्फ पारंपरिक मीडिया रिपोर्ट्स ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फेक और AI-जेनरेटेड कंटेंट को लेकर भी सख्त रुख अपना रही है।

₹100 करोड़ के हर्जाने की बात क्यों आई?

पब्लिक नोटिस के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति या प्लेटफॉर्म जानबूझकर गोविंदा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली झूठी या मानहानिकारक सामग्री फैलाता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ ₹100 करोड़ तक के डैमेज क्लेम की कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस में अन्य कानूनी उपायों का सहारा लेने की बात भी कही गई है। गोविंदा की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब उनकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट मीडिया में लगातार चर्चा हो रही है।

और पढ़ें - ‘टॉक्सिक’ एडवांस बुकिंग ने मचाया तूफान, 32 घंटे में रचा बड़ा बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड

सुनीता आहूजा के बयान के बाद बढ़ा विवाद

दरअसल, कुछ दिन पहले सुनीता आहूजा ने गोविंदा के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई बातें सार्वजनिक की थीं। इसके बाद राकी सावंत के साथ उनकी एक बातचीत भी वायरल हुई, जिसमें सुनीता ने दावा किया कि उन्होंने गोविंदा के खिलाफ दायर तलाक की याचिका वापस ले ली क्योंकि उन्हें कथित तौर पर पता चला था कि गोविंदा और अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार शादी करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, गोविंदा की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है और उनकी मैनेजमेंट टीम पहले ही शादी से जुड़ी खबरों को खारिज कर चुकी है। ऐसे में इस पूरे विवाद में सामने आ रही अलग-अलग बातों को लेकर अब कानूनी नोटिस ने मामला और भी गंभीर बना दिया है।

सुनीता ने वापस लिया तलाक का केस

गोविंदा और सुनीता की शादी को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच एक बड़ा घटनाक्रम हाल ही में सामने आया था। सुनीता आहूजा ने 19 अगस्त 2026 को गोविंदा के खिलाफ दायर तलाक की याचिका वापस ले ली थी। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने इसकी पुष्टि की थी। इसके बाद भी दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं थमी नहीं। उल्टा, सुनीता के नए बयानों और सोशल मीडिया पर वायरल दावों ने इस मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया।

और पढ़ें -

अब गोविंदा का साफ संदेश- अफवाहें फैलाना पड़ेगा भारी

पब्लिक नोटिस के जरिए गोविंदा ने फिलहाल यह साफ संदेश दिया है कि उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर फेक न्यूज, अफवाहों और AI से तैयार की गई सामग्री को हल्के में नहीं लिया जाएगा। अभिनेता की टीम अब ऐसे कंटेंट के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में है। यानी गोविंदा और सुनीता आहूजा की निजी जिंदगी से शुरू हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है। ₹100 करोड़ के हर्जाने की चेतावनी ने इस पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।