Baba Ramdev Ayurvedic Hookah Viral Video: बाबा रामदेव का ‘आयुर्वेदिक हुक्का’ बनाने का VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाबा रामदेव ने इस हुक्के में तंबाकू की जगह कई हर्बल चीजें डालीं, आखिर उन्होंने क्या तैयार किया कि वीडियो पर यूजर्स मजेदार रिएक्शंस दे रहे हैं। जानें पूरा मामला।
Baba Ramdev Hookah Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों बाबा रामदेव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह आम हुक्के से बिल्कुल अलग एक ‘आयुर्वेदिक हुक्का’ तैयार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में तंबाकू या फ्लेवर की जगह मुलेठी, हल्दी, राई, देसी घी, काकड़ा सिंगी और कपूर जैसी चीजों का इस्तेमाल बताया गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोग इसे लेकर मजेदार कमेंट्स से लेकर सेहत से जुड़े सवाल तक उठा रहे हैं।
ऐसे तैयार किया गया ‘आयुर्वेदिक हुक्का’
वायरल वीडियो में रामदेव पहले मुलेठी को कूटकर उसमें देसी घी मिलाने की बात कहते हैं। इसके बाद मिश्रण में हल्दी और राई डाली जाती है। हुक्के की प्लेट पर देसी कपूर जलाने और उसके ऊपर काकड़ा सिंगी रखने का तरीका भी वीडियो में दिखाया गया है। रामदेव इसे जड़ी-बूटियों से तैयार हुक्का बताते हुए कहते हैं, ‘ये हुक्का बन गया।’ नीचे देखें आयुर्वेदिक हुक्का का वायरल वीडियो-
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बंद नाक और खांसी में राहत का दावा
वीडियो में रामदेव का कहना है कि इस तरीके से तैयार धुएं को लेने से बंद नाक खोलने और खांसी में राहत मिल सकती है। उन्होंने इसे वात-पित्त-कफ यानी आयुर्वेद के त्रिदोष से भी जोड़ा है। हालांकि, इन दावों को स्थापित चिकित्सा उपचार या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित इलाज मानना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में भी ऐसे स्वास्थ्य लाभों के मजबूत क्लिनिकल प्रमाण नहीं बताए गए हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी मजेदार बहस
वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने इसे ‘आयुर्वेदिक हुक्का बार’ से जोड़कर मजाक किया, तो किसी ने तंज कसते हुए लिखा कि अब शायद ‘हर्बल दारू’ की बारी है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर धुएं को सेहत के लिए फायदेमंद कैसे माना जा सकता है।
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‘हर्बल’ नाम से धुआं कितना सुरक्षित?
सबसे जरूरी बात यह है कि किसी मिश्रण में तंबाकू न होने भर से उसके धुएं को सुरक्षित साबित नहीं किया जा सकता। धुआं सांस की नली और फेफड़ों में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए वायरल वीडियो को देखकर इस प्रयोग को खुद आजमाना उचित नहीं है। यह वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया चर्चा का विषय है, न कि किसी प्रमाणित चिकित्सा पद्धति का विकल्प।
