BRICS Summit 2026: बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रायझेंकोव भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।

Belarus Foreign Minister: 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए विदेशी मेहमानों के नई दिल्ली पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रायझेंकोव शनिवार को राजधानी पहुंचे। वह भारत की मेजबानी में होने वाले BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेंगे। इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता भी कर रहा है।

BRICS Summit से पहले दिल्ली पहुंचे बेलारूस के विदेश मंत्री

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मैक्सिम रायझेंकोव का स्वागत किया। उन्होंने भारत और बेलारूस के बीच संबंधों को मजबूत और दोस्ताना बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है।

रायझेंकोव का दिल्ली पहुंचना ऐसे समय हुआ है जब 12 और 13 सितंबर को राजधानी में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत की अध्यक्षता में BRICS का बदला हुआ स्वरूप

भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी कर रहा है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम तय की है। इसका फोकस लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने पर है।

BRICS के विस्तार के बाद संगठन में अब 11 सदस्य देश हैं। इनमें भारत के साथ ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। बेलारूस BRICS के पार्टनर देशों में शामिल है।

आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर रहेगी नजर

BRICS का विस्तार ऐसे दौर में हुआ है जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में विस्तारित BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय का महत्व बढ़ गया है।

भारत की अध्यक्षता में इस बार विकास, स्थिरता, तकनीक, ऊर्जा और वित्तीय सहयोग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। साथ ही वैश्विक संस्थानों में सुधार और विकासशील देशों की भूमिका को मजबूत करने से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।

BRICS से इतर PM मोदी ने पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति से की मुलाकात

BRICS Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की और BRICS Business Forum को संबोधित किया।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। चर्चा में राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया।

पश्चिम एशिया के हालात पर भी हुई PM मोदी और पेजेश्कियान की चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत में पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने भारत के उस रुख को दोहराया कि विवादों और समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए।

BRICS Summit 2026 में दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता पर भी दुनिया की नजर रहेगी।