Ganesh Chaturthi 2026 Date: Lalbaugcha Raja 2026 की पहली झलक सामने आ गई है। इस बार बप्पा लाल-केसरिया पोशाक, काले दुपट्टे और सोने के आभूषणों से सजे नजर आए। चांदी जैसे भव्य दरबार और रंग-बिरंगी रोशनी ने दरबार की खूबसूरती बढ़ा दी। 14 सितंबर से गणेशोत्सव की शुरुआत होगी।

Lalbaugcha Raja 2026 Darshan: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा की 2026 की पहली झलक सामने आ गई है। इस बार बप्पा लाल-केसरिया परिधान में बेहद भव्य रूप में नजर आ रहे हैं। उनके पीछे सजे सिल्वर टोन वाले दरबार को गुलाबी, बैंगनी और नीली रोशनी से सजाया गया है, जो पूरे पंडाल को आकर्षक और दिव्य रूप दे रही है।

लाल-केसरिया धोती और काले दुपट्टे में बप्पा

2026 में लालबागचा राजा ने चमकदार लाल-केसरिया धोती धारण की है, जिस पर सुनहरे अलंकरण और बारीक कारीगरी दिखाई देती है। कंधों पर सजा काला दुपट्टा इस गहरे रंग के परिधान के साथ खूबसूरत विरोधाभास बनाता है। कई परतों वाली स्वर्ण माला, बाजूबंद और कंगन बप्पा के राजसी स्वरूप को और खास बना रहे हैं।

सोने के मुकुट और आभूषणों ने बढ़ाई भव्यता

बप्पा के सिर पर कमल की पंखुड़ियों जैसी आकृति वाला सुनहरा मुकुट है, जिसमें लाल, हरे और नीले रंग के रत्न जड़े नजर आ रहे हैं। सूंड पर भी स्वर्ण आभूषण सजाए गए हैं। पारंपरिक लाल तिलक और ओम का चिन्ह बप्पा के शांत और सौम्य स्वरूप को और निखार रहा है। सफेद और गहरे लाल फूलों की मालाएं पूरे श्रृंगार में संतुलन जोड़ती हैं।

सिल्वर टोन दरबार में दिखी सुनहरी कारीगरी

लालबागचा राजा के दरबार की सजावट भी इस बार खास आकर्षण का केंद्र है। सिल्वर टोन के बीच प्राचीन स्वर्ण आभा वाली नक्काशी, स्तंभ, मेहराब और सजावटी पैनल नजर आ रहे हैं। मूर्ति के चारों ओर बना बड़ा गोलाकार आर्च बप्पा को एक भव्य फ्रेम देता है, जबकि नीली और बैंगनी रोशनी पूरे सेटअप को उत्सवी चमक प्रदान करती है।

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हाथों में त्रिशूल-चक्र, पास में विराजे मूषक

बप्पा की शांत मुखाभिव्यक्ति के साथ उनका पारंपरिक स्वरूप भी ध्यान खींचता है। एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा में है, जबकि अन्य हाथों में त्रिशूल और चक्र दिखाई देते हैं। सिंहासन के पास भगवान गणेश का वाहन मूषक भी विराजमान है, जिससे पूरे दरबार की धार्मिक आभा और गहरी होती है।

2025 के मुकाबले कितना बदला बप्पा का रूप?

2025 में लालबागचा राजा गहरे मैजेंटा-गुलाबी परिधान और गहरे हरे दुपट्टे में नजर आए थे। उस समय दरबार में सुनहरी रोशनी और समृद्ध नक्काशी का प्रभाव ज्यादा प्रमुख था। इसके मुकाबले 2026 की सजावट में लाल-केसरिया रंग, सिल्वर टोन और नीली-बैंगनी रोशनी का संयोजन देखने को मिल रहा है, जो इसे अलग पहचान देता है।

14 सितंबर से शुरू होगा गणेशोत्सव

लालबागचा राजा का गणेशोत्सव वर्ष 1934 से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। 2026 में यह आयोजन अपने 93वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी से होगी और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गिरगांव चौपाटी में भव्य विसर्जन के साथ इसका समापन होगा।