Aparna Yadav Statement: यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि वंदे मातरम का अपमान करना पार्टी की 'फितरत' बन गई है। ये विवाद 15 अगस्त के एक वीडियो के बाद शुरू हुआ, जिसमें राष्ट्रगीत के दौरान पार्टी नेता बात करते दिखे थे।

Congress Vande Mataram Controversy: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मंगलवार को वंदे मातरम पर चल रहे विवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत का अपमान करना पार्टी की फितरत रही है।

पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, "वंदे मातरम का अपमान करना कांग्रेस की एक प्रवृत्ति है। भारत से, भारत की संस्कृति से और जिस तरह से उन्होंने भगवान श्री राम का विरोध किया, अब वे वंदे मातरम का भी विरोध कर रहे हैं। यह बहुत गलत है।"

ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस मुख्यालय का एक वीडियो सामने आया। इसमें 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गाए जाते समय पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता सोनिया गांधी आपस में बातचीत करते दिखे। इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रगीत का अपमान करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की।

कांग्रेस अध्यक्ष ने किया पार्टी का बचाव

इससे पहले मंगलवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने वंदे मातरम का वही संस्करण गाया है जो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने गाया था। खड़गे ने कहा कि अगर उस संस्करण को गाना अपराध माना जाता है, तो सरकार को उन दिवंगत राष्ट्रीय नेताओं के खिलाफ भी FIR दर्ज करनी चाहिए।

बीजेपी नेताओं का पलटवार

इस बीच, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस विवाद पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से दी गई सफाई से ही पता चलता है कि उन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है। शेखावत ने कहा, "विपक्ष की तरफ से जो सफाई दी गई है, वो इसलिए है क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि वे गलत थे। मैं यह मानता हूं कि लोकतांत्रिक भारत में इस तरह का विवाद होना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अस्वीकार्य है।"

भारतीय जनता पार्टी के सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी राष्ट्रगीत के कथित "अपमान" को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी की मानसिकता पर सवाल उठाया और कहा कि कांग्रेस को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन पर "एकाधिकार" का दावा करना बंद कर देना चाहिए। प्रसाद ने कहा, “हम 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुई शर्मनाक घटना पर बात करने के लिए मजबूर हुए हैं। पहले तो ऐसा लगा कि सोनिया जी पूरे वंदे मातरम के गायन का विरोध कर रही थीं; बाद में उनके तेज-तर्रार मीडिया हेड ने दावा किया कि खड़गे-साहब के लिए बस एक कुर्सी ढूंढी जा रही थी। यह बिल्कुल बकवास था।”