Xi Jinping India Visit 2026: गुरुवार, 10 September, 2026 को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि BRICS से पहले Xi Jinping की नई दिल्ली यात्रा पर ‘देने को कोई जानकारी नहीं’। अगर वे आते हैं तो यह 2020 गलवन के बाद नई दिल्ली की पहली यात्रा होगी।

BRICS Summit Delhi: नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर सस्पेंस बरकरार रखा है। 10 सितंबर को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन से जब जिनपिंग के दिल्ली आने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है।

जिनपिंग के दौरे पर चीन ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान गुओ जियाकुन से पूछा गया कि क्या शी जिनपिंग BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। इस पर उन्होंने कोई पुष्टि नहीं की। चीन के इस रुख के बाद सम्मेलन से पहले जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। इससे पहले मई और अगस्त 2026 की कुछ रिपोर्टों में उनके सम्मेलन में शामिल होने की संभावना जताई गई थी।

गलवान के बाद पहली भारत यात्रा होगी खास

अगर शी जिनपिंग BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आते हैं, तो यह 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद उनकी पहली नई दिल्ली यात्रा होगी। ऐसे में उनके दौरे को भारत-चीन संबंधों में तनाव कम करने और सहयोग की संभावनाओं के संकेत के तौर पर भी देखा जा सकता है।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव रहा है, हालांकि पिछले कुछ समय में कूटनीतिक स्तर पर रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें भी दिखाई दी हैं।

बहुपक्षीय मंच पर बन सकता है द्विपक्षीय बातचीत का मौका

पूर्व BRICS शेरपा और भारतीय राजनयिक संजय भट्टाचार्य ने कहा कि बहुपक्षीय बैठकों के दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय बातचीत की संभावनाएं भी बनती हैं। उनके मुताबिक, दोनों देश बड़ी सभ्यतागत शक्तियां और उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि मतभेदों के बावजूद दोनों देश क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर सहयोग का रास्ता तलाश सकते हैं। आर्थिक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग की भी बड़ी संभावनाएं हैं।

1962 से गलवान तक रिश्तों में उतार-चढ़ाव

भारत और चीन के रिश्तों में तनाव की पृष्ठभूमि काफी पुरानी है। 1962 के युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद लगातार एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहा। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद संबंधों में एक बार फिर गंभीर तनाव पैदा हुआ था। इस घटना में 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी।

इसके बाद दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत की। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी के दौरान भी भारत-चीन संबंधों में नरमी के संकेत मिले थे।

12-13 सितंबर को भारत मंडपम में BRICS Summit

भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण” रखी गई है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सम्मेलन में मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, अब सबसे ज्यादा नजर शी जिनपिंग के संभावित दौरे पर है। चीन की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण BRICS सम्मेलन शुरू होने से पहले जिनपिंग की भारत यात्रा सबसे बड़े कूटनीतिक सवालों में से एक बनी हुई है।