Strait of Hormuz के पास दो कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल हमला हुआ। अमेरिका ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर पर आरोप लगाया है। जानिए पूरा मामला।
Iran US Tension: दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास बड़ा हमला हुआ है। अमेरिका के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने मंगलवार तड़के दो कमर्शियल जहाजों पर मिसाइलें दागीं। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें चल रही हैं। इस हमले के बाद सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक तेल व्यापार को लेकर भी नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
होर्मुज के पास क्या हुआ?
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक दो व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया। बताया गया है कि हाल के दिनों में रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर इस क्षेत्र में जहाजों को लगातार चेतावनी दे रही थी। खासतौर पर उन जहाजों को, जो उस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे जिसे अमेरिकी सेना ने ओमान तट के पास सुरक्षित बताया था। मंगलवार का हमला इन्हीं चेतावनियों के बाद हुआ।
UKMTO ने भी दी समुद्री घटना की जानकारी
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी एक अलग घटना की पुष्टि की है। संस्था के मुताबिक, ओमान के लीमाह क्षेत्र से करीब 8 नॉटिकल मील पूर्व में एक टैंकर जहाज जा रहा था। जहाज दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने जहाज के बाएं हिस्से को टक्कर मारी। टक्कर के बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के घायल या मारे जाने की सूचना नहीं मिली।
जहाजों को जारी की गई चेतावनी
घटना के बाद UKMTO ने क्षेत्र में चल रहे सभी जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दी जाए। सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।
ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी
इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे समझौते को प्राथमिकता देना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका बहुत तेजी से जवाब देने की क्षमता रखता है।
ईरान में भी चल रहा है शोक का माहौल
यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक मनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उनकी मौत ईरान युद्ध की शुरुआत के दौरान हुई थी। ऐसे माहौल में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियां पहले से अधिक संवेदनशील बन गई हैं।
अमेरिका-ईरान बातचीत पर क्या असर पड़ेगा?
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और युद्ध जैसी स्थिति को खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिशें चल रही हैं। विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के बीच भरोसे को और कमजोर कर सकती हैं। इससे किसी भी संभावित समझौते या वार्ता पर असर पड़ने की आशंका है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों इतना अहम है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। खाड़ी देशों से होने वाला तेल निर्यात काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर करता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य या सुरक्षा घटना का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ जाती है।


