Nepal Flood 2026: NDRRMA ने भोटेकोशी नदी के बढ़ते बहाव पर अलर्ट जारी किया। रसुवा की एक सुरंग में 600 लोगों के फंसे होने की आशंका, मौतें 691 (नेपाल 675, तिब्बत 16)। अब तक 3000 लोगों का रेस्क्यू, 163 विदेशी शामिल। भारत ने चौथे विमान से 11 टन राहत सामग्री सौंपी; भारत, China, Korea की टीमें रेस्क्यू में जुटीं।
Bhote Koshi River: नेपाल में हालिया बाढ़ की तबाही के महज तीन दिन बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा है। नदी के बढ़ते बहाव ने पहले से जारी राहत और बचाव अभियानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे बड़ी चिंता रसुवा की उस सुरंग को लेकर है, जहां करीब 600 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पानी का बहाव बढ़ने से इन लोगों तक पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
NDRRMA ने जारी किया नया बाढ़ अलर्ट
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रविवार को भोटेकोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नया बाढ़ अलर्ट जारी किया। प्राधिकरण ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
रसुवा समेत कई जिलों में बढ़ाई गई निगरानी
NDRRMA के सोशल मीडिया अपडेट के मुताबिक, भोटेकोशी नदी के बहाव में वृद्धि दर्ज की गई है। रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और चितवन समेत प्रभावित इलाकों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 29 अगस्त को भी भोटेकोशी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई थी।
बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 691 पहुंचा
नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 691 हो गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में 675 और तिब्बत क्षेत्र में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, राहत और बचाव दल अब तक करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं। इनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से आई तबाही
हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने के बाद अचानक तेज बाढ़ आई, जिसने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। कई घर और अन्य संपत्तियां बाढ़ की चपेट में आने से तबाह हो गईं, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
भारत ने भेजी चौथी राहत खेप
नेपाल में राहत अभियान को मजबूत करने के लिए भारत ने चौथी राहत खेप भेजी है। चौथे विमान के जरिए करीब 11 टन जरूरी राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई गई, जिसे नेपाल के संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया। भारत ने इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़े रहने और प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई है।
रसुवा की सुरंग में 600 लोगों को लेकर चिंता
रसुवा की एक सुरंग में करीब 600 लोगों के फंसे होने की आशंका ने राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पर्याप्त उपकरणों की कमी के कारण यहां बचाव अभियान शुरू करने में मुश्किलें आ रही थीं। अब भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें मौके पर पहुंचकर खोज और बचाव अभियान में जुट रही हैं।
तीन देशों की विशेष टीमें रेस्क्यू में जुटीं
भारत की ओर से 11 सदस्यों वाली विशेष टीम भेजी गई है, जिसे सुरंगों में खोज और बचाव अभियान का अनुभव है। वहीं चीन की टनल रेस्क्यू टीम भी मौके पर सक्रिय है। तीनों देशों की विशेषज्ञ टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर सुरंग में फंसे लोगों और लापता व्यक्तियों की तलाश कर रही हैं। उनका लक्ष्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए जल्द से जल्द प्रभावित लोगों तक पहुंचना है।
बढ़ता पानी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नई चुनौती
भोटेकोशी नदी का दोबारा बढ़ता बहाव बचाव अभियान के लिए नई चुनौती बन सकता है। ऐसे में अधिकारी नदी के जलस्तर और मौसम की लगातार निगरानी कर रहे हैं। राहत एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं और स्थिति में बदलाव होने पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे।
