Donald Trump on Iran: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान वॉशिंगटन के साथ 'बुरी तरह और जल्दी' एक समझौता करना चाहता है. उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही जंग खत्म होगी, दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी. ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने का श्रेय भी खुद को दिया.
Inflation in America: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान अमेरिका के साथ जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि तेहरान एक डील के लिए बेताब है, हालांकि अभी यह तय करना बाकी है कि अमेरिका बातचीत में शामिल होगा या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष खत्म होते ही दुनिया में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।
ईरान के साथ समझौते को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट के जरिए ईरान, ऊर्जा आपूर्ति, महंगाई और अमेरिकी रक्षा उत्पादन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ईरान कमजोर स्थिति में है और अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। ट्रंप के मुताबिक, वॉशिंगटन इस बात पर विचार कर रहा है कि तेहरान के साथ बातचीत शुरू की जाए या नहीं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका बातचीत के विकल्प को खुला रखे हुए है।
‘संघर्ष खत्म होते ही चट्टान की तरह गिरेंगी तेल की कीमतें’
ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ी कीमतों के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा तेल की कीमतें बाइडेन के कार्यकाल की तुलना में कम हैं। ट्रंप ने कहा कि तेल को छोड़कर बाकी कई चीजों की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं। उनका दावा है कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष खत्म होते ही तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी।
होरमुज़ से जारी है तेल की सप्लाई
फारस की खाड़ी से होने वाली वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर ट्रंप ने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का प्रवाह जारी है। उन्होंने इस संकट के दौरान अमेरिका का पर्याप्त साथ नहीं देने वाले देशों की भी आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा में अमेरिका पर हुए खर्च की भरपाई दूसरे देशों को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से अपने हितों के साथ-साथ दूसरे देशों के लिए भी यह जिम्मेदारी निभाता रहा है।
अमेरिकी रक्षा उत्पादन को लेकर भी किया बड़ा दावा
ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में हथियारों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। उनके मुताबिक, अमेरिकी रक्षा कंपनियों की फैक्ट्रियां 24 घंटे और सातों दिन काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन फैक्ट्रियों में पैट्रियट, थाड, टॉमहॉक और अन्य मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि देश में हर साल कई नए बड़े रक्षा संयंत्र तैयार किए जा रहे हैं।
ईरान के कब्जे में अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन का मामला
इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी अंडरवाटर वाहन को लेकर बयान दिया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, बघाई ने कहा कि अमेरिकी वाहन को युद्ध में हासिल की गई ‘लूट’ के तौर पर कब्जे में लिया गया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सितंबर की शुरुआत में होरमुज़ जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र के पास एक बिना चालक वाले अमेरिकी अंडरवाटर वाहन को पकड़ने की जिम्मेदारी ली थी।
आखिर कौन सा अमेरिकी वाहन ईरान के हाथ लगा?
ईरानी सरकारी मीडिया ने पकड़े गए उपकरण की पहचान Dive-LD के रूप में की। यह कैलिफोर्निया स्थित रक्षा कंपनी Anduril का बनाया हुआ एक बड़ा स्वायत्त अंडरवाटर वाहन है। निर्माता के मुताबिक, करीब 19 फीट लंबा यह वाहन समुद्री खदानों को हटाने, समुद्र तल की मैपिंग, खुफिया जानकारी जुटाने और पानी के भीतर केबल व पाइपलाइन जैसे महत्वपूर्ण ढांचे की निगरानी जैसे कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
पेंटागन ने ईरानी दावे पर क्या कहा?
ईरान के दावे के विपरीत पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कोई नियमित रूप से तैनात मानव-संचालित पनडुब्बी नहीं थी। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, एक अंडरवाटर ड्रोन में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे लेकर यह घटनाक्रम हुआ। ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और होरमुज़ जलडमरूमध्य में जारी घटनाक्रम के बीच ट्रंप के ताजा बयानों ने संभावित बातचीत और वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है।
