Bengaluru parking rules 2026: बेंगलुरु में जल्द ही घर के बाहर सड़क पर गाड़ी पार्क करने के लिए पैसे देने पड़ सकते हैं। नए नियमों के ड्राफ्ट में सालाना परमिट का प्रस्ताव है, जिसकी कीमत 25,000 रुपये तक हो सकती है।

Bangalore parking fee: बेंगलुरु में पार्किंग को लेकर जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के प्रस्तावित Parking Rules 2026 में घर के बाहर वाहन खड़ा करने के लिए सालाना परमिट की व्यवस्था का सुझाव दिया गया है। वाहन के प्रकार के हिसाब से यह शुल्क ₹15,000 से ₹25,000 तक हो सकता है। इसके अलावा फुटपाथ, मेट्रो स्टेशन और व्यस्त सड़कों के आसपास पार्किंग पर भी सख्ती की तैयारी है।

घर के बाहर कार पार्क करने के लिए लेना होगा परमिट

11 अगस्त को जारी ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, रिहायशी इलाकों में घर के बाहर सड़क पर वाहन खड़ा करने के लिए सालाना परमिट लेना पड़ सकता है। प्रस्ताव में अलग-अलग वाहनों के लिए अलग शुल्क तय किया गया है।

हैचबैक के लिए कम से कम ₹15,000, सेडान के लिए ₹20,000 और SUV के लिए ₹25,000 सालाना शुल्क प्रस्तावित है। यानी बड़ी गाड़ी रखने वालों पर पार्किंग का खर्च भी ज्यादा होगा।

सड़क और इलाके के हिसाब से तय होगी पार्किंग फीस

गैर-रिहायशी इलाकों में पार्किंग के लिए प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए यह शुल्क सड़क की कैटेगरी के आधार पर ₹10 से ₹80 प्रति घंटे तक हो सकता है। वहीं, मंथली पार्किंग पास की कीमत ₹1,000 से ₹4,000 तक रखने का प्रस्ताव है।

शहर की व्यावसायिक सड़कों को A, B और C कैटेगरी में बांटा जाएगा। ज्यादा भीड़ खींचने वाली प्रमुख व्यावसायिक सड़कें A कैटेगरी में होंगी, जबकि स्थानीय स्तर की सड़कों को C कैटेगरी में रखा जाएगा।

फुटपाथ पर पार्किंग पूरी तरह होगी बंद

नए नियमों में फुटपाथ पर वाहन खड़ा करने पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा हाई-डेंसिटी कॉरिडोर वाली मुख्य सड़कों पर भी पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। कुछ सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस के निर्देश के अनुसार पीक आवर्स में पार्किंग पर रोक लगाई जा सकती है।

जंक्शन, बस स्टॉप, पैदल क्रॉसिंग और ट्रांजिट हब के आसपास भी वाहन खड़ा करने के लिए तय दूरी का पालन करना होगा।

Metro Station के पास 150 मीटर तक No-Parking

मेट्रो और सब-अर्बन रेलवे स्टेशनों के आसपास पार्किंग को लेकर भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार, शुरुआत में स्टेशन के 150 मीटर के दायरे में सड़क पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। स्थानीय निकाय जरूरत के अनुसार इस दायरे को बढ़ाकर 500 मीटर तक कर सकते हैं।

बस स्टॉप और स्टेशन के आसपास भी कम से कम 25 मीटर का नो-पार्किंग क्षेत्र रखने का प्रस्ताव है। मेट्रो, रेलवे और बस स्टेशन के प्रवेश-निकास से 25 मीटर के भीतर ऑटो और टैक्सी खड़ी करने पर भी रोक होगी।

नियम तोड़ा तो लगेगा ₹1,000 तक जुर्माना

पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है। सड़क पर अवैध पार्किंग के लिए कार पर ₹500 और दोपहिया वाहन पर ₹300 का जुर्माना प्रस्तावित है। वहीं फुटपाथ पर कार खड़ी करने पर ₹1,000 और दोपहिया वाहन पर ₹600 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वैध परमिट होने के बावजूद अगर वाहन निर्धारित जगह से बाहर पार्क किया गया तो उसे भी उल्लंघन माना जाएगा।

Private Land पर बढ़ाई जाएगी Parking सुविधा

शहर में पार्किंग की जगह बढ़ाने के लिए स्थानीय निकाय खाली निजी जमीन को सार्वजनिक पार्किंग के लिए लीज पर ले सकेंगे। निजी जमीन मालिकों को पार्किंग सुविधा विकसित करने पर टैक्स में राहत देने का भी प्रस्ताव है।

मैकेनाइज्ड या मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं के लिए प्रॉपर्टी टैक्स और सर्विस चार्ज में पूरी छूट, जबकि सतह पर बनी पार्किंग के लिए 50 फीसदी छूट का प्रस्ताव रखा गया है।

Parking App से मिलेगी खाली जगह की जानकारी

बेंगलुरु में एक कॉमन पार्किंग पोर्टल और ऐप शुरू करने की भी योजना है। इसके जरिए लोगों को अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध पार्किंग, जगह की स्थिति और शुल्क की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी।

फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट स्तर पर हैं। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद लोग 30 दिनों के भीतर शहरी विकास विभाग के सामने अपनी आपत्ति और सुझाव दर्ज करा सकेंगे।