Dharmendra Pradhan Next Role: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब उनका अगला कदम क्या होगा? क्या वे ओडिशा की राजनीति में लौटेंगे या बीजेपी संगठन में बड़ा पद मिल सकता है।

Dharmendra Pradhan Next Political Move: नीट यूजी (NEET-UG) पेपर लीक को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम के बाद सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि राजनीति के इस मंझे हुए खिलाड़ी का अगला कदम क्या होगा? क्या यह बीजेपी की किसी नई रणनीति की शुरुआत है या फिर प्रधान को संगठन में कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है? आइए समझते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान के आगे अब क्या-क्या विकल्प खुले हैं।

संगठन में बड़ा रोल

धर्मेंद्र प्रधान को बीजेपी का बेहतरीन रणनीतिकार माना जाता है। चुनाव प्रबंधन और कठिन परिस्थितियों में फैसले लेने के मामले में वे पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरों में शामिल रहे हैं। ऐसे में आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी उन्हें राष्ट्रीय संगठन (राष्ट्रीय महासचिव या कोई अहम प्रभार) में बड़ा पद दे सकती है। राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि शिक्षा मंत्रालय में रहते हुए उठे विवादों के बाद, पार्टी की मंशा यही हो सकती है कि वे अब अपना पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और चुनावों की रणनीति बनाने पर लगाएं।

ओडिशा की राजनीति में वापसी

धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद हैं। ओडिशा की राजनीति में उनका कद किसी से छिपा नहीं है। ओडिशा में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि राज्य के बड़े राजनीतिक फैसलों में प्रधान की अहम भूमिका रहेगी। ऐसे में कहा जा रहा है कि दिल्ली की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद, वे ओडिशा में बीजेपी के जनाधार को और ज्यादा मजबूत करने के लिए पूरा समय दे सकते हैं।

'बैकबेंच' रणनीति

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भारतीय राजनीति में कई बार नेताओं का इस्तीफा किसी बड़े सियासी फेरबदल का पहला कदम होता है। NEET विवाद के चलते छात्रों और युवाओं के बीच बनी नाराजगी को शांत करने के लिए प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है। कुछ महीनों के सियासी विराम के बाद, जब स्थिति सामान्य होगी, तो उन्हें किसी नए प्रशासनिक या राजनीतिक रोल में दोबारा आगे लाया जा सकता है।

धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर

  • 2000 में पहली बार पल्हड़ा सीट से विधायक चुने गए।
  • 2004 में पहली बार देवगढ़ सीट से लोकसभा सांसद चुने गए।
  • 2014-2019- केंद्रीय पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री
  • 2019-2024 तक पेट्रोलियम, इस्पात और 2001 से शिक्षा मंत्री बनाए गए।
  • 2024-2026 तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे