बांदा के कमासिन में 18 वर्षीय 12वीं की छात्रा मंदाकिनी यमुना नदी में लापता हो गई। दांदौ घाट पुल के पास उसका दुपट्टा, अंगूठी और क्लचर मिला। एनडीआरएफ, पीएसी और गोताखोरों ने 10 किलोमीटर तक तलाश की, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला।

बांदा में 18 वर्षीय 12वीं की छात्रा के यमुना नदी में लापता होने की घटना ने परिवार और इलाके को झकझोर दिया है। कमासिन क्षेत्र की रहने वाली छात्रा मंदाकिनी गुरुवार सुबह दांदौ घाट स्थित यमुना पुल से नदी में कूद गई। घटना के बाद से पुलिस और रेस्क्यू टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका कोई पता नहीं चल सका था।

पुल पर मिला दुपट्टा, अंगूठी और क्लचर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदाकिनी गुरुवार सुबह करीब 7 बजे घाट के पास फोन पर बात कर रही थी। इसके बाद करीब 8:30 बजे उसने दांदौ घाट पुल से यमुना नदी में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। पुल के पास छात्रा का दुपट्टा, अंगूठी और क्लचर मिला, जिसे परिजनों ने उसकी वस्तुओं के रूप में पहचान लिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

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10 किलोमीटर तक चला सर्च ऑपरेशन

छात्रा की तलाश के लिए एनडीआरएफ, पीएसी, पुलिस, गोताखोरों और स्थानीय मल्लाहों की टीमें यमुना नदी में उतारी गईं। रेस्क्यू टीमों ने करीब 10 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया। देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद अंधेरा होने पर अभियान रोकना पड़ा। शुक्रवार सुबह एक बार फिर तलाश शुरू की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक छात्रा का पता नहीं चल सका था।

मां बोलीं- घर में नहीं हुआ था कोई विवाद

मंदाकिनी के परिवार का कहना है कि उसके घर से निकलने से पहले किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था। छात्रा की मां के मुताबिक, घर में न तो कोई झगड़ा हुआ और न ही उसे किसी बात पर डांटा गया था। ऐसे में छात्रा के इस कदम के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार भी यह समझ नहीं पा रहा कि आखिर उस सुबह क्या हुआ था।

मोबाइल और संपर्कों की जांच कर रही पुलिस

पुलिस मामले की जांच कर रही है और छात्रा के मोबाइल फोन तथा उसके संपर्क में रहे लोगों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां घटना से जुड़े हर संभावित तथ्य को खंगाल रही हैं। यमुना की तेज धार में लापता हुई मंदाकिनी के पीछे अब कई सवाल बाकी हैं। वह आखिर किस मानसिक स्थिति या परिस्थितियों से गुजर रही थी, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि सर्च ऑपरेशन से जल्द कोई सुराग मिले।

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Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आपके मन में भी सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसे ख्याल आ रहे हैं तो आप फौरन घर-परिवार, दोस्तों और साइकेट्रिस्ट की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। आसरा (मुंबई) 022-27546669, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)। मानसिक तनाव होने पर काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800 8914416 पर संपर्क कर घर बैठे मदद पा सकते हैं।