Ram Mandir CEO : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर (CEO) मिल गया है।रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने यह पद संभाला है। उन्होंने बताया कि वह कैसे काम करेंगे।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर (CEO) रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि वह अभी पूरे सिस्टम को समझने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह ट्रस्ट के मार्गदर्शन और सहयोग से ही आगे बढ़ेंगे।
राम मंदिर सीईओ ने बताया अपना प्लान
पत्रकारों से बात करते हुए मिश्रा ने कहा, "अभी तो मैं खुद पूरे सिस्टम को जानने-समझने की कोशिश कर रहा हूं। एक बार जब मैं सब कुछ समझ जाऊंगा, तो ट्रस्ट से आदेश और मार्गदर्शन लूंगा। अपनी टीम के सहयोग से हम आगे बढ़ेंगे। जैसे ही कोई योजना या रणनीति बनेगी, हम उसे आपके सामने लाएंगे।
जितेंद्र मिश्रा को ही क्यों बनाया राम मंदिर CEO
- बुधवार को अयोध्या में ट्रस्ट के ट्रस्टियों की एक बैठक में मिश्रा की नियुक्ति का फ़ैसला लिया गया था. 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व करने वाले मिश्रा को CEO चुनने के लिए बनी कमेटी की सिफ़ारिश पर नियुक्त किया गया है।
- इस बैठक में CEO की नियुक्ति के अलावा खाली पड़े ट्रस्टी पदों को भरने, 2025-26 के सालाना खातों को मंज़ूरी देने, कथित वित्तीय गड़बड़ियों की SIT जांच की प्रगति और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों पर भी चर्चा हुई।
- मिश्रा को भारतीय वायु सेना की अलग-अलग शाखाओं में 39 साल का अनुभव है और उनके पास लीडरशिप का भी लंबा अनुभव है. उन्हें उत्तम युद्ध सेवा मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
5,000 लोगों को पीछे छोड़ बने पहले CEO
- राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO को चुनने के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट सौंपी थी. इस प्रतिष्ठित पद के लिए 5,000 से ज़्यादा लोगों ने आवेदन किया था.
- रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान एक हाई-लेवल मीटिंग हुई थी, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य शामिल थे। इनमें कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, एक्टिंग महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के ज़िलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मौजूद थे।
- तीन सदस्यों वाली इस सर्च कमेटी में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड), पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे।


