Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. 15 सितंबर से हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर से शुरू होने वाली हैं, जिसके लिए DGCA की टीम निरीक्षण करेगी. प्रशासन ने हिमालय के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है.
Kedarnath Helicopter Service: उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मानसून के दौरान बंद की गई केदारनाथ घाटी की हेलीकॉप्टर सेवा अब दोबारा शुरू करने की तैयारी है। प्रशासन के मुताबिक, हेलीकॉप्टर संचालन 15 सितंबर 2026 से फिर शुरू किया जाना प्रस्तावित है। टिकट बुकिंग की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।
Kedarnath Helicopter Service: DGCA की टीम करेगी सुरक्षा जांच
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने ANI को बताया कि मानसून के कारण रोकी गई हेलीकॉप्टर सेवाओं को तीर्थयात्रियों के लिए फिर से बहाल किया जा रहा है। सितंबर के पहले सप्ताह में DGCA की टीम केदारनाथ घाटी का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप हेलीकॉप्टर सेवा दोबारा शुरू की जाएगी।
डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई है। जहां भी किसी तरह का नुकसान हुआ है, उसे ठीक करने और जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से भी सभी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा गया है।
Kedarnath Yatra: निगरानी सिस्टम को 100% अलर्ट रखने के निर्देश
प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण को देखते हुए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी सिस्टम को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए।
केदारनाथ मंदिर के कपाट नवंबर तक खुले रहने हैं। ऐसे में सितंबर में यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। केदारनाथ रुद्रप्रयाग जिले में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह उत्तराखंड के चार धामों में भी शामिल है।
Kedarnath Safety: 2013 की आपदा के बाद संवेदनशील इलाकों पर खास नजर
शुक्रवार को डीएम विशाल मिश्रा ने हिमालयी क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आसपास के पहाड़ी इलाकों में मौसम से जुड़ी हालिया चुनौतियों और नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई गई है।
डीएम के मुताबिक, रुद्रप्रयाग का केदारनाथ क्षेत्र लंबे समय से संवेदनशील इलाकों में शामिल है। 2013 की विनाशकारी केदारनाथ आपदा में इस क्षेत्र को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। इसके बाद से प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
Char Dham Yatra 2026: पिछले साल से 5.22 लाख ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
मानसून की चुनौतियों के बावजूद इस साल चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में अब तक 5,22,634 ज्यादा श्रद्धालु चार धामों की यात्रा कर चुके हैं।
चारों धामों में अब तक पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या पर नजर डालें तो बद्रीनाथ में 16,54,263, केदारनाथ में 14,65,370, गंगोत्री में 7,47,671 और यमुनोत्री में 6,68,163 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
Badrinath Yatra: बद्री विशाल के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु
चार धाम यात्रा में बद्रीनाथ धाम को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले बद्रीनाथ धाम में ही पिछले साल की तुलना में 3,62,304 अधिक तीर्थयात्री पहुंचे हैं।
इसके अलावा 2,69,430 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में भी मत्था टेक चुके हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए प्रशासन के सामने यात्रा व्यवस्था के साथ-साथ मौसम, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर भी चुनौती बनी हुई है।
