Nepal Tibet Flood Alert: नेपाल में बुधवार की भीषण बाढ़ के बाद शुक्रवार को तिब्बत में झील टूटने से एक और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। धडिंग समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। नए खतरे के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन भी रोक दिया गया है।
Nepal Flood Latest News: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ से अभी हालात सामान्य भी नहीं हुए थे कि शुक्रवार को एक और बड़ा अलर्ट जारी कर दिया गया। तिब्बत की तरफ एक झील टूटने के बाद पानी का बहाव बढ़ने की सूचना सामने आई है। इसके बाद नेपाल के प्रभावित इलाकों में लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव अभियान में लगी टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
धडिंग में लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया
नए खतरे को देखते हुए धडिंग जिले में पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लोगों को निचले इलाकों से बाहर निकालने में जुटी हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जरूरी सामान और खाने-पीने की चीजें लेकर ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। प्रशासन ने आसपास रहने वाले लोगों को भी खतरे की जानकारी देने और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की अपील की है।
घर-दुकान खाली, बुजुर्गों को स्ट्रेचर से निकाला
अलर्ट के बाद प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है। कई घरों और दुकानों को खाली कराया जा रहा है। बुजुर्गों और असहाय लोगों को स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों को बेहद कम समय में इलाका खाली करने के निर्देश मिले हैं। लगातार लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से बाढ़ के खतरे की जानकारी दी जा रही है।
20 लाख घनमीटर पानी से बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि तिब्बती इलाके में करीब 20 लाख घनमीटर पानी जमा है। इसके नीचे की ओर आने पर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। अधिकारियों को आशंका है कि पानी के तेज बहाव के साथ मलबा और चट्टानें भी नीचे आ सकती हैं, जिससे पहले से प्रभावित इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
चीन ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन रोका
नए खतरे को देखते हुए चीन की तरफ भी बचाव अभियान को रोकने की जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू टीमों को करीब एक किलोमीटर पीछे हटने और बचाव में इस्तेमाल हो रही गाड़ियों को वापस बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। अनुमान है कि पानी को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में करीब ढाई से तीन घंटे लग सकते हैं। खतरे को देखते हुए नेपाल सेना ने भी भोटेकोशी नदी की स्थिति पर नजर रखने के लिए टीम भेजी है।
पिछली बाढ़ से पहले ही मची भारी तबाही
नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। हिमालयी सीमा के आसपास के इलाकों में पानी, कीचड़, चट्टानों और मलबे के तेज बहाव ने तबाही मचाई। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोग नए अलर्ट के बाद खुद ही ऊंचे इलाकों की ओर जाने लगे हैं।
469 मौतें, 1500 से ज्यादा लोग लापता
नेपाल में बाढ़ से अब तक 469 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। भारत के अलग-अलग राज्यों के 300 से ज्यादा लोगों के लापता होने की भी जानकारी है। राहत अभियान के तहत हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और अब तक 3,253 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
भारत भी लगातार नेपाल के संपर्क में
बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना के 15 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। हालांकि, नए खतरे को देखते हुए फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। भारत का विदेश मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। भारत की ओर से नेपाल को राहत और बचाव के लिए जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
