Sonia Gandhi Book: सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलोंगिंग' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि कुछ घटनाओं की फैक्ट-चेकिंग जरूरी है. इस पर तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी हमेशा से झूठ के सहारे जीती है.

Sonia Gandhi Autobiography: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने किताब में शामिल घटनाओं की फैक्ट-चेकिंग को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। दरअसल, किताब के प्रकाशन को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद बीजेपी ने इसके कंटेंट और दावों पर सवाल उठाए हैं।

Sonia Gandhi Autobiography: BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

एन. रामचंदर राव ने ANI से बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी की आत्मकथा को लेकर काफी प्रचार किया गया था, लेकिन अब किताब में बताई गई कुछ घटनाओं की फैक्ट-चेकिंग की चर्चा सामने आई है। उन्होंने इसे कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाने का आधार बताया।

राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से गलत दावों और कहानियों के सहारे राजनीति करती रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी आत्मकथा में दर्ज घटनाओं को लेकर तथ्य जांचने की जरूरत पड़ रही है तो पाठकों को भी किताब में किए गए दावों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

BJP Leader CR Kesavan: ‘डर की कहानी’ पर कांग्रेस से सवाल

चेन्नई में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने सोनिया गांधी की आत्मकथा की रिलीज को लेकर कथित तौर पर बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ की कहानी पर सवाल उठाया।

केसवन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया देना विडंबनापूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए पार्टी से कई सवाल किए।

नेहरू के पत्रों को लेकर भी BJP ने उठाया सवाल

सीआर केसवन ने कांग्रेस के नेताओं से सवाल किया कि अगर पार्टी किताब में सामने आने वाली बातों को लेकर इतनी मुखर है, तो ‘कांग्रेस के पहले परिवार’ से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों को सार्वजनिक करने में हिचकिचाहट क्यों है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़े पत्रों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि 51 कार्टन में रखे गए उनके पत्रों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। केसवन ने विशेष तौर पर एडविन मोंटेगु को लिखे गए पत्रों का भी उल्लेख किया।

Penguin Random House India ने साफ किया- हम किताब के पब्लिशर नहीं

विवाद के बीच पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने शुक्रवार को एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया। कंपनी ने कहा कि वह भारत में सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलोंगिंग’ की पब्लिशर नहीं है।

यह बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी ने प्रस्तावित संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं किया और इसके बाद पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भारत में किताब प्रकाशित करने से कदम पीछे खींच लिया।

Publisher ने कहा- फैक्ट-चेकिंग पब्लिशिंग प्रक्रिया का हिस्सा

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इन दावों को सही नहीं बताया। कंपनी के मुताबिक, यह कहना कि लेखक द्वारा संपादकीय बदलावों से इनकार करने के कारण उसने किताब प्रकाशित करने से फैसला वापस लिया, पूरे घटनाक्रम को सही तरीके से पेश नहीं करता।

पब्लिशर ने कहा कि वह अभी भी किताब प्रकाशित करने को लेकर उत्सुक है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी किताब के तथ्यों की जांच करना और लेखक को संपादकीय सुझाव देना पब्लिशिंग प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।

‘लेखक के साथ हुई बातचीत पर टिप्पणी नहीं करेंगे’

पब्लिशर ने अपने बयान में कहा कि फैक्ट-चेक करना और किताब के हित में लेखकों को सुझाव देना उसकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। कंपनी के अनुसार, इस तरह की चर्चाएं प्रकाशन प्रक्रिया में सामान्य रूप से होती हैं।

हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने लेखक के साथ हुई बातचीत की गोपनीयता का हवाला देते हुए इस मामले में आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

Sonia Gandhi Book: बचपन से राजीव गांधी से मुलाकात तक का जिक्र

‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ में सोनिया गांधी के जीवन के कई अहम पड़ावों का जिक्र किया गया है। किताब में युद्ध के बाद के इटली में उनके बचपन, भारत आने और राजीव गांधी के साथ उनके रिश्ते के अलावा उनके जीवन में आई व्यक्तिगत त्रासदियों को भी शामिल किया गया है।

किताब में सोनिया गांधी ने इटली में अपने बचपन और कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से हुई पहली मुलाकात से जुड़े अनुभव साझा किए हैं। इसके अलावा उनकी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तथा पति राजीव गांधी की हत्या के दौर को भी याद किया गया है।

1965 में हुई थी राजीव गांधी से पहली मुलाकात

इटली में जन्मीं सोनिया गांधी 1965 में इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में 19 साल की छात्रा थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। दोनों ने बाद में शादी की और सोनिया गांधी भारत आईं। किताब में उनके निजी जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक के सफर को विस्तार से पेश किया गया है।

79 वर्षीय सोनिया गांधी कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली नेताओं में शामिल हैं। आत्मकथा में उनके व्यक्तिगत अनुभवों के साथ भारतीय राजनीति और उनके जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी जिक्र है।

10 नवंबर को अमेरिका में रिलीज होगी किताब

अल्फ्रेड ए. नॉफ ने 18 अगस्त को घोषणा की थी कि सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। अल्फ्रेड ए. नॉफ, नॉफ डबलडे पब्लिशिंग ग्रुप का एक इम्प्रिंट है, जो पेंगुइन रैंडम हाउस LLC का हिस्सा है।

पेंगुइन रैंडम हाउस की मूल कंपनी बर्टल्समैन एजी है, जो एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी है।

भारत में किताब कब और कौन प्रकाशित करेगा?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के ताजा बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ‘बिलोंगिंग’ भारत में कब और किस पब्लिशिंग हाउस के जरिए उपलब्ध होगी। फिलहाल भारत में इसके प्रकाशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

इस बीच किताब को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पब्लिशर की ओर से फैक्ट-चेकिंग और संपादकीय प्रक्रिया को सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया बताया गया है, जबकि बीजेपी नेता इसे किताब में किए गए दावों पर सवाल उठाने का मुद्दा बना रहे हैं।