Nepal Flood Latest News: नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने गांव, सड़कें और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह कर दिए। आखिर पहाड़ों से आई इस जलप्रलय की वजह क्या थी? दोबारा बाढ़ का खतरा क्यों बना हुआ है? जानिए
Nepal Flood Updates: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल-चीन सीमा के आसपास कई गांव, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो चुके हैं। शुरुआती रिपोर्टों में आपदा की वजह बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने तथा नदी में अचानक पानी और मलबा आने को बताया गया है। हालात अभी भी पूरी तरह नॉर्मल नहीं हुए हैं और कुछ इलाकों में दोबारा बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जबकि खराब मौसम राहत और हेलिकॉप्टर अभियान में बड़ी बाधा बन रहा है।
26 अगस्त से 28 अगस्त तक जानें नेपाल बाढ़ के 15 लेटेस्ट अपडेट...
- मौतों का आंकड़ा 579 तक पहुंचा- ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ से अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
- करीब 2,000 लोग अब भी लापता- नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 1,924 लोग लापता है। इनमें विदेशी नागरिक और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं।
- बचाव अभियान जारी- सेना, पुलिस और अन्य राहतकर्मी प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
- मौसम बना बड़ी चुनौती- खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर से राहत और खोज अभियान कई जगह प्रभावित हुए हैं।
- भोटेकोशी नदी पर फिर खतरा- भोटेकोशी इलाके में बाढ़ का रिस्क अभी खत्म नहीं हुआ है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
- नई फ्लैश फ्लड की चेतावनी- भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के लिए फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।
- हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित- रासुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का इलाका बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार- मलबे से भरी सुरंग में 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है।
- 80 पुलों को नुकसान- बाढ़ और मलबे से बड़ी संख्या में पुल और सड़कें डैमेज हुई हैं, जिससे प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
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- हाइवे का बड़ा हिस्सा प्रभावित- रिपोर्टों के मुताबिक करीब 40 किमी सड़क को नुकसान पहुंचा है, जिससे नेपाल-चीन संपर्क पर असर पड़ा है।
- 90 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित- हिमालयी आपदा से 90,000 से ज्यादा लोग सीधे प्रभावित हुए हैं और बड़ी मानवीय सहायता की जरूरत है।
- स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर- WHO के अनुसार, 6 स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है और 8 स्वास्थ्यकर्मी लापता बताए गए हैं।
- दूसरी बाढ़ का खतरा- मलबे से बने जलाशय या झीलों के टूटने की आशंका ने नई बाढ़ का खतरा बढ़ाया है। नेपाल और चीन दोनों तरफ निगरानी बढ़ाई गई है।
- चीन की तरफ भी भारी तबाही- नेपाल के साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ और मलबे से भारी नुकसान हुआ है और मौतें हुई हैं।
- सरकार ने राहत के लिए फंड जारी किया- नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित स्थानीय निकायों के लिए 67.5 मिलियन नेपाली रुपए जारी किए हैं।
- अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं- नेपाल के अधिकारियों ने भोटेकोशी क्षेत्र में बाढ़ का जोखिम जारी रहने की बात कही है। लोगों को नदी किनारे और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
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