Hariyali Amavasya 2026 Date: सावन में अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, हरियाली अमावस्या भी इनमें से एक है। इस बार हरियाली अमावस्या का पर्व बहुत ही खास है।

Hariyali Amavasya 2026 kab Hai: ज्योतिष शास्त्र में कुल 16 तिथियां बताई गई हैं इनमें अमावस्या भी एक है। अमावस्या तिथि के स्वामी पितृ देवता हैं, इसलिए इस तिथि पर पितृ शांति के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। श्रावण मास की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। इस बार हरियाली अमावस्या 12 अगस्त, बुधवार को है। इस दिन सूर्य ग्रहण का संयोग भी बन रहा है, जिसके चलते लोगों के मन में ये कन्फ्यूजन है कि इस दिन पूजा करें या ग्रहण का सूतक मानें? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए पूरी डिटेल…

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क्या हरियाली अमावस्या पर लगेगा सूतक?

ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, 12 अगस्त को साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा लेकिन ये ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका कोई भी नियम जैसे सूतक आदि नहीं माना जाएगा। इस सूर्य ग्रहण का हरियाली अमावस्या पर्व पर कोई भी असर नहीं होगा। लोग इस दिन पूजा, उपाय, मंत्र जाप आदि सभी धार्मिक कार्य कर सकते हैं। जिन देशों में ये सूर्य ग्रहण देखा जाएगा सिर्फ वहीं इसके सूतक आदि नियम माने जाएंगे।

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हरियाली अमावस्या 2026 स्नान मुहूर्त

हरियाली अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। स्नान के लिए सुबह का समय ही सबसे श्रेष्ठ माना गया है। 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के स्नान के लिए सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त इस प्रकार हैं-
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:29 से 05:17 तक
अमृत काल- सुबह 04:36 से 06:05 तक

हरियाली अमावस्या 2026 दान-पूजा के लिए मुहूर्त

हरियाली अमावस्या पर जरूरतमंदों को दान करना शिवजी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। इसके लिए दिन भर के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं-
सुबह 06:05 से 07:42 तक
सुबह 07:42 से 09:18 तक
सुबह 10:55 से दोपहर 12:31 तक
दोपहर 03:44 से शाम 05:21 तक
शाम 05:21 से 06:57 तक

हरियाली अमावस्या पर कैसे करें शिवजी की पूजा?

- 12 अगस्त, बुधवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें। ऊपर बताए गए शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा शुरू करें।
- सबसे पहले महादेव की तस्वीर घर में किसी साफ स्थान पर लकड़ी के पटिए पर स्थापित करें। चंदन से तिलक लगाएं।
- इसके बाद फूलों की माला पहनाएं और शुद्ध घी का दीपक भी जलाएं। जनेऊ, सफेद वस्त्र, बिल्व पत्र, आंकड़े के फूल, धतूरा चढ़ाएं।
- पूजा के दौरान ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप मन में करते रहें। इसके बाद नारियल, मिठाई और मौसमी फलों का भोग महादेव का लगाएं।
- पूजा के बाद महादेव की आरती करें। इस तरह हरियाली अमावस्या पर शिवजी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।