गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार के 5 साल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ। PMJAY-MA की राशि 10 लाख, 2.92 करोड़ आयुष्मान कार्ड और 1,455 एंबुलेंस का दावा।
गांधीनगर। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के सुशासन के पांच वर्ष 13 सितंबर, 2026 को पूरे हो रहे हैं। इस अवधि में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई पहल की गई हैं। सरकार के अनुसार, इन प्रयासों का फोकस स्वास्थ्य सुरक्षा, रोगों की रोकथाम, समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधाओं के विस्तार पर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते स्वास्थ्य क्षेत्र में जिन योजनाओं और सुधारों की शुरुआत की थी, उन्हें आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया है। इस दौरान स्वास्थ्य बीमा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
PMJAY-MA Yojana: स्वास्थ्य सुरक्षा कवच की राशि 5 लाख से बढ़कर 10 लाख रुपये
गुजरात में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री अमृतम (PMJAY-MA) के तहत नागरिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सहायता की सीमा बढ़ाई गई है। सरकार के अनुसार, अब यह सहायता 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। राज्य में अब तक 2.92 करोड़ से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे पात्र नागरिकों को इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिली है।
Digital Health Card: स्कूली विद्यार्थियों के लिए गुजरात की विशेष पहल
गुजरात सरकार के अनुसार, स्कूली विद्यार्थियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने वाला गुजरात देश का एकमात्र राज्य बन गया है। अब तक 1.15 करोड़ डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
NamoShree Yojana: 8 लाख से अधिक महिलाओं को 540 करोड़ रुपये की सहायता
मातृत्व और बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी गुजरात ने कई योजनाएं लागू की हैं। नमोश्री योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 540 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। सरकार के मुताबिक, गुजरात में 99.97 प्रतिशत संस्थागत प्रसव दर हासिल की जा चुकी है। इस उपलब्धि को राज्य के मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Healthy Gujarat Campaign: मोटापे के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान
‘विश्व मोटापा दिवस’ के अवसर पर गुजरात में “स्वस्थ गुजरात, मोटापामुक्त गुजरात” अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गुजरात में 31,021 निक्षय मित्रों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण हुआ है। टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए अब तक 5,76,344 पोषण किट वितरित की गई हैं।
Mission Indradhanush: लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
मिशन इंद्रधनुष के अब तक के सभी चरणों के तहत गुजरात में 9,95,395 बच्चों और 2,25,960 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया है। यह अभियान बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के जरिए गंभीर बीमारियों से बचाने और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
Gujarat Health Services: AIIMS, टेली-रिहैबिलिटेशन और आरोग्य समीक्षा केंद्र
स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए गुजरात में चिकित्सा सुविधाओं और तकनीक आधारित व्यवस्थाओं का भी विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से राजकोट AIIMS का लोकार्पण हुआ, जिससे राज्य में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं में वृद्धि हुई है। वहीं, सोला सिविल अस्पताल, अहमदाबाद में देश के पहले टेली-रिहैबिलिटेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के जरिए पुनर्वास सेवाओं को तकनीक की मदद से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
आरोग्य समीक्षा केंद्र: स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए नई व्यवस्था
गुजरात के नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं और सुविधाओं की एक ही स्थान पर निगरानी एवं समीक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘आरोग्य समीक्षा केंद्र’ का लोकार्पण किया गया है। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा और विभिन्न व्यवस्थाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थापित किया गया है।
108 Ambulance Service: 617 नई एंबुलेंस के साथ कुल संख्या 1,455
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सर्विस में भी विस्तार किया गया है। सरकार के अनुसार, इस सेवा के तहत 617 नई एंबुलेंस जोड़ी गई हैं। इसके अलावा, अस्पतालों में उपलब्ध एंबुलेंस को भी इस व्यवस्था के साथ एकीकृत किया गया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 108 एंबुलेंस की कुल संख्या 1,455 हो गई है। इस विस्तार का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना और एंबुलेंस सेवाओं के संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
Tribal Genome Sequencing Project: गुजरात बना देश का पहला राज्य
आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गुजरात में ट्राइबल जीनोम सीक्वेंसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। सरकार के अनुसार, यह परियोजना शुरू करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है। इस पहल से आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान को बढ़ावा मिलने और रोगों के समय पर निदान की संभावनाएं मजबूत होने की उम्मीद है। जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी जुटाने और भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
Gujarat Health Reform: स्वास्थ्य सुरक्षा से तकनीक आधारित सेवाओं तक विस्तार
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने पिछले पांच वर्षों में स्वास्थ्य सुरक्षा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, टीबी नियंत्रण, आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को प्राथमिकता दी है। PMJAY-MA के तहत स्वास्थ्य सहायता की राशि बढ़ाने से लेकर डिजिटल हेल्थ कार्ड, AIIMS, टेली-रिहैबिलिटेशन सेंटर और ट्राइबल जीनोम सीक्वेंसिंग जैसी पहलों तक, सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। सरकार के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य गुजरात के नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

