नेपाल त्रासदी के बीच मध्यप्रदेश के कई नागरिक फंसे हैं। CM मोहन यादव ने दुख जताया और मदद के लिए दिल्ली में कंट्रोल रूम व हेल्पलाइन नंबर जारी किए।
भोपाल। नेपाल में आई त्रासदी के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने वहां फंसे राज्य के नागरिकों की मदद के लिए कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपाल में हुई आपदा पर दुख जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य लोगों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता के कल्याण के लिए सरकार हर संभव व्यवस्था करने को प्रतिबद्ध है। नेपाल में फंसे मध्यप्रदेश के लोगों और उनके परिजनों को जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल आपदा में फंसे MP के लोगों के लिए कंट्रोल रूम
नेपाल में आपदा की स्थिति को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके जरिए नेपाल में फंसे मध्यप्रदेश के नागरिकों और उनके परिजनों से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी ली जाएगी और जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की ओर से कहा गया है कि प्रभावित नागरिक या उनके परिवार सहायता, जानकारी और जरूरी समन्वय के लिए कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। संकट के दौरान लोगों तक जल्द मदद पहुंचाने के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था को सक्रिय किया गया है।
नेपाल में फंसे नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
मध्यप्रदेश सरकार ने सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी की है। नेपाल में फंसे मध्यप्रदेश के नागरिक या उनके परिजन इन माध्यमों से संपर्क कर जरूरी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- हेल्पलाइन नंबर: 011-26772005
- व्हाट्सएप नंबर: 9818963273
- ईमेल: recp1mpbhawan@mp.gov.in
सरकार ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में फंसे मध्यप्रदेश के नागरिकों से जुड़ी जानकारी या सहायता की जरूरत होने पर दिए गए संपर्क माध्यमों का इस्तेमाल करें। राज्य सरकार का कहना है कि मुश्किल समय में नागरिकों तक मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
MP सरकार ने दोहराई नागरिकों के साथ खड़े रहने की बात
नेपाल त्रासदी के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार संकट की स्थिति में उनके साथ है। नेपाल में फंसे लोगों की जानकारी जुटाने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है।


