प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर MP में महाकाल महालोक समेत पूरे प्रदेश में 58 लाख दीप जलेंगे। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलेगा।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर उज्जैन के महाकाल महालोक सहित पूरे प्रदेश में कुल 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाए जाएंगे। इसे प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति प्रदेशवासियों के आभार के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक नरेंद्र मोदी ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम किया है। इसी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' भी चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य सेवा को राजनीतिक संस्कार और जनसेवा को शासन की प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाना है।
PM Modi 25 Years Service: गुजरात से शुरू हुई सेवा यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी। अब इस यात्रा को 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार इसे सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा के तौर पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में सेवा और जिम्मेदारी के लंबे दौर के रूप में देख रही है। सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में पद को लक्ष्य बनाने के बजाय उसे सेवा का माध्यम माना। इसी विचार को प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए आगे बढ़ाने की तैयारी है।
PM Modi Schemes: गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखने का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण को शासन व्यवस्था के केंद्र में रखा गया। करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी गुजरात के लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री भी रहे। इस दौरान कृषि, उद्योग और निवेश के साथ-साथ शासन में तेजी और योजनाओं के परिणाम पर जोर उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा।
India Economy: भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कभी आर्थिक कमजोरी के लिए चर्चा में रहने वाला भारत अब वैश्विक मंच पर ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। उनके मुताबिक, देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को भी मजबूती मिली है। आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का असर देश में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना पर पड़ा है। इसी दौरान स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर और नई दिशा तैयार करने की कोशिश की गई।
Swachh Bharat और Ayushman Bharat: केंद्र की योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए स्वच्छ भारत अभियान ने साफ-सफाई को लेकर देश में जनभागीदारी की नई संस्कृति तैयार की। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए करोड़ों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ, जबकि जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य आगे बढ़ाया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने करीब 35 वर्षों के अंतराल के बाद देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। वहीं आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज से जुड़े आर्थिक बोझ से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Women Empowerment: महिलाओं के लिए कई योजनाओं का दावा
महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कई योजनाओं और कानूनों का उल्लेख किया गया। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लाड़ली बहना, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहल शामिल हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम होने की बात कही गई। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का प्रयास जारी है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
Madhya Pradesh Government: 'सबका साथ-सबका विकास' पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को प्रदेश में लागू करने की दिशा में काम करने की बात कह रही है। सरकार के मुताबिक, प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। आने वाले समय में हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश की लाड़ली बहना योजना को भी महिला सशक्तिकरण से जोड़ते हुए सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका मजबूत हुई है।
MP Farmers: किसानों के लिए मुआवजे और सिंचाई पर जोर
कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए गए नवाचारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने का दावा किया गया है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को बाजार दर के चार गुना तक मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मिल सकेंगी।
MP Investment: एक साल में सर्वाधिक निवेश लाने वाले राज्यों में तीसरे स्थान का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मध्यप्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार, नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई को भी बड़ी उपलब्धि बताया है और कहा है कि प्रदेश में 'लाल सलाम' को आखिरी सलाम कह दिया गया है।
निवेश के मोर्चे पर सरकार के मुताबिक, एक साल में सर्वाधिक निवेश लाने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। अब तक करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों के जमीन पर उतरने का दावा किया गया है।
MP Airports: प्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 8 हुई
रीवा, दतिया और सतना हवाई अड्डों के लोकार्पण के बाद मध्यप्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इससे प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ने और अलग-अलग क्षेत्रों में विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। सिंचाई और जल संसाधनों से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं में केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी उल्लेख किया गया। वर्षों से लंबित इस परियोजना के भूमि-पूजन के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते को भी महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
Indore-Bhopal Metropolitan Region: दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की तैयारी
मध्यप्रदेश में दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इनमें पहला इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और दूसरा भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा क्षेत्र है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य ने वर्ष 2030 तक अपनी कुल ऊर्जा खपत का 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
Mahakal Mahalok से Khajuraho तक पर्यटन और संस्कृति पर जोर
मध्यप्रदेश सरकार महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो जैसे प्रमुख स्थलों को भारत की सभ्यता और संस्कृति के जीवंत केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर उज्जैन स्थित महाकाल महालोक में होने वाला दीप प्रज्ज्वलन भी खास महत्व रखता है। प्रदेशभर में 58 लाख दीप जलाने की तैयारी को बड़े जनभागीदारी कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
Viksit Madhya Pradesh: विकसित राज्य के लक्ष्य पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। राज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ काम लगातार जारी रहेगा। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला सेवा संकल्प अभियान इसी सोच को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश है।


