मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से स्वामित्व और सेवा संकल्प अभियान शुरू होंगे। 50 लाख से ज्यादा लोगों की मुफ्त रजिस्ट्री और 58 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है।

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर मध्यप्रदेश में दो बड़े जनसेवा अभियानों की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को इन अभियानों की तैयारियों के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान और सेवा से संकल्प अभियान चलाया जाएगा। स्वामित्व अभियान के तहत 50 लाख से अधिक ग्रामीण हितग्राहियों को उनकी संपत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर राजस्व विभाग के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।

वहीं, सेवा से संकल्प अभियान के पहले दिन यानी 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि दोनों अभियानों को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में आयोजित किया जाए।

MP Swamitva Yojana: 50 लाख से ज्यादा लोगों की होगी मुफ्त रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान के तहत प्रदेश में लक्षित भूमि स्वामियों के अधिकार अभिलेखों का नि:शुल्क पंजीयन कराया जाएगा। अब तक प्रदेश के 41 हजार 568 गांवों में 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है। अभियान के दौरान 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से छूट का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने गए आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोक नगर और रायसेन जिलों के कलेक्टरों से भी योजना की प्रगति जानी। कलेक्टरों ने बताया कि स्वामित्व योजना से जुड़ा मोबाइल एप यूजर फ्रेंडली है और पटवारियों का प्रशिक्षण भी तेजी से कराया जा रहा है। गांवों में संपत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री को लेकर सकारात्मक माहौल भी देखने को मिल रहा है।

Swamitva Abhiyan 2026: 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

स्वामित्व योजना का अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत प्रतिदिन करीब 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य तय किया गया है। अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण तेजी से पूरा कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ कहा कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों को किसी भेदभाव के बिना और पूरी पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा में मिलना चाहिए। उन्होंने योजना के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, क्षेत्रीय प्रचार और प्रेस कॉन्फ्रेंस का सहारा लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को भी जोड़ा जाए। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर खुद संभालेंगे स्वामित्व अभियान की कमान

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया कि दोनों अभियानों की माइक्रो प्लानिंग दो दिन के भीतर पूरी कर ली जाए। स्वामित्व अभियान का नेतृत्व जिला स्तर पर कलेक्टर स्वयं करें। इसके लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अभियान की लगातार निगरानी और नियमित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। उनके मुताबिक सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए शिविर लगाएंगे। इन शिविरों में प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया है। सभी कलेक्टरों को अभियान की बेहतर प्लानिंग और शेड्यूलिंग के साथ रोजाना की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

MP Swamitva Registration: पंचायत स्तर पर पटवारी होंगे निष्पादन अधिकारी

राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पंचायत स्तर पर पटवारी को स्वामित्व योजना में निष्पादन अधिकारी की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं पंजीयन अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में आने वाली किसी भी समस्या के लिए मुख्यमंत्री सहायता हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है।

Seva Sankalp Abhiyan: भोपाल से होगी राज्य स्तरीय शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू होने वाला सेवा से संकल्प अभियान एक महीने तक चलेगा। 17 सितंबर को राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ इसका शुभारंभ होगा। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।

इस अभियान का उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित मध्यप्रदेश बनाने के संकल्प को आम लोगों तक पहुंचाना है। एक महीने के दौरान प्रदेशभर में जनसेवा से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां होंगी। सरकार का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

17 सितंबर को शाम 7 बजे जलेंगे 58 लाख से ज्यादा दीपक

सेवा से संकल्प अभियान में कुल 13 प्रमुख गतिविधियां प्रस्तावित हैं। अभियान की शुरुआत 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम ठीक 7 बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों के घरों में एक साथ दीपक जलाए जाएंगे। इसके साथ ही 10 से अधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्थानों पर भी दीप प्रज्ज्वलन होगा। कुल मिलाकर 58 लाख से अधिक दीपक जलाने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से अपने-अपने जिलों में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्थानों को चिन्हित करने को कहा है। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी का जिले में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।

Ujjain Mahakal Lok: 25 लाख से ज्यादा दीपों से जगमगाएगा महाकाल लोक

उज्जैन में 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को बताया कि महाकाल लोक में 25 लाख से अधिक दीपक जलाने की योजना है। इस कार्यक्रम में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। खास बात यह है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के 50 लाख से अधिक हितग्राही भी इस दीपोत्सव में शामिल होंगे।

सेवा से संकल्प अभियान में होंगी 13 प्रमुख गतिविधियां

अभियान के तहत सरकार ने अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों को जोड़ने के लिए कई गतिविधियां तय की हैं। आशीर्वाद का दीपक: 17 सितंबर को शाम 7 बजे सभी लाभार्थी परिवारों के घरों में एक साथ दीपक जलाए जाएंगे।

  • सेवा चित्र: स्कूलों में विकसित भारत की अवधारणा पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इन्हें स्थानीय, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
  • सेवा स्मरण: स्थानीय स्तर पर संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा।
  • आंगन का मिलन: आंगनबाड़ियों में तीन दिन तक बच्चों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक कॉमिक्स तथा कहानियां सुनाई जाएंगी।
  • बदलाव की कहानियां: सरकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले लोगों की सफलता की कहानियां चुनी जाएंगी। इन्हें डिजिटल रूप दिया जाएगा और सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
  • सेवा ज्योति यात्रा: 7 अक्टूबर को सभी जिलों में सेवा ज्योति यात्रा निकाली जाएगी।
  • जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा: बड़नगर से वाराणसी तक यह यात्रा आयोजित की जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा कुल सात राज्य शामिल होंगे।
  • सेवा मेरा योगदान: नागरिकों को 25 प्रमुख गतिविधियों से जोड़ने का कार्यक्रम होगा, ताकि जनभागीदारी को बढ़ाया जा सके।
  • सेवा सेतु अभियान: 'सरकार आपके द्वार' शिविरों के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
  • सेवा के रंग: प्रतिभाशाली युवाओं को जोड़कर प्रमुख स्थानों पर रंगोली अभियान चलाया जाएगा।
  • हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज: विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट इनोवेटर्स को नवाचार आधारित गतिविधियों में जोड़ा जाएगा।
  • जन सेवक महाकुंभ: पंचायत से लेकर संसद तक देशभर के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
  • 25 साल, 25 कहानियां: गणमान्य व्यक्तियों को क्यूरेटेड किट का वितरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि दोनों अभियानों की तैयारी केवल कागजी स्तर पर न रहे। इसकी जानकारी गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी के साथ इन अभियानों को व्यापक जनअभियान बनाने पर जोर दिया। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सभी संभागीय आयुक्त और कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।