उर्दू के शायर फैज अहमद फैज की नज्म हिंदू विरोधी? जावेद अख्तर ने इस पर कही ये बात

आईआईटी कानपुर में उर्दू के मशहूर शायर फैज अहमद फैज की कविता 'हम देखेंगे लाजिम है कि हम भी देखेंगे' पर

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वीडियो डेस्क। आईआईटी कानपुर में उर्दू के मशहूर शायर फैज अहमद फैज की कविता 'हम देखेंगे लाजिम है कि हम भी देखेंगे' पर बढ़ते विवाद को गीतकार-लेखक जावेद अख्तर ने बेतुका बताया है। जावेद अख्तर ने कहा कि फैज की किसी बात को या उनके शेर को हिंदू विरोधी कहा जाए, यह इतना फनी है कि इस पर सीरियस होकर बात करना मुश्किल है। फैज ने यह नज्म पाकिस्तान में जिया-उल-हक की सरकार के खिलाफ लिखी थी।

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