अहमदाबाद ब्लास्ट के दोषी का आजमगढ़ कनेक्शन, ग्राउंड रिपोर्ट से समझिए पूरी कहानी

बता दें कि वर्ष 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम धमाका हुआ था। जिसें 59 लोग मारे गए थे। इस घटना का मास्टर माइंड आजमगढ़ जिले का रहने वाला अबुल बशर बताया जाता रहा है। अबुल बशर का अहमदाबाद ही नहीं लखनऊ, जयपुर व दिल्ली में हुए बम धमाकों में भी नाम सामने आया था। इनके गैंग का नाम भी इंडियन मुजाहिद्दीन आज़मगढ़ मॉड्यूल के नाम से चिन्हित किया गया था। मूलरूप से सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापार निवासी अबुल बशर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

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अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में 2008 के सीरियल ब्लास्ट केस में विशेष अदालत ने 49 दोषियों के लिए सजा का ऐलान करते हुए 38 को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बता दें कि अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट से सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई थी। वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की अपील कोर्ट से की थी। गौरतलब है कि अहमदाबाद विस्फोट मामले में सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एआर पटेल ने 8 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 49 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने 77 में से 28 आरोपियों को बरी कर दिया था। आपको बता दें कि साल 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इस घटना में 56 लोगों की मौत हुई थी, साथ ही 200 लोग घायल हो गए थे। यह दिल दहला देने वाली घटना 26 जुलाई 2008 को घटी थी। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए 21 सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इन धमाकों की गूंज से हर कोई स्तब्ध था।

आजमगढ़ जनपद से जुड़े तार
बता दें कि वर्ष 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम धमाका हुआ था। जिसें 59 लोग मारे गए थे। इस घटना का मास्टर माइंड आजमगढ़ जिले का रहने वाला अबुल बशर बताया जाता रहा है। अबुल बशर का अहमदाबाद ही नहीं लखनऊ, जयपुर व दिल्ली में हुए बम धमाकों में भी नाम सामने आया था। इनके गैंग का नाम भी इंडियन मुजाहिद्दीन आज़मगढ़ मॉड्यूल के नाम से चिन्हित किया गया था। मूलरूप से सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापार निवासी अबुल बशर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दावा था कि अबुल बशर इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से जुड़ा था। इसके अलावा अहमदाबाद ब्लास्ट में सरायमीर के संजरपुर निवासी मो. सैफ, आरिफ मिर्जा नसीम, इसरौली निवासी आरिफ बदर, पारा निवासी मो. सादिक, शहर कोतवाली के बदरका निवासी सैफूल रहमान व कोट किला निवासी मो. जीशन भी शामिल है। इस मामले अभी उनके परिजन कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अभी फैसला आना बाकी है। सभी के घरों पर सन्नाटा पसर गया है तो कोई कुछ भी बोलने से इंकार कर रहा है। सभी न्यायालय के फैसले का सम्मान करने और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय में जाने की बात कहते नजर आए। लोगों का यह भी कहना है कि मो. हबीब, मो. साकिब व मो. जाकिर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है। इससे लोगों ने दावा किया की निश्चित तौर पर यह सिद्ध होता है कि गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद विस्फोट में बहुत से फर्जी लोगों को भी पकड़ लिया है। वैसे देश में होने वाले हर विस्फोट के तार हमेशा ही जिले से जुड़ते रहे है।

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