घर की दीवारों पर अचानक चस्पा हुई रेलवे की नोटिस, ग्रामीणों के उड़े होश, मचा हड़कंप

ठेंगहा ग्राम पंचायत में रेल लाइन के नजदीक दर्जनों घर बने हुए हैं। रेल लाइन दोहरीकरण के चलते रेलवे ने लाइन के किनारे स्थित घरों में नोटिस चस्पा की है जिसमें पांच दिन के अंदर घर खाली करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। 

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अमेठी:  ठेंगहा ग्राम पंचायत में रेल लाइन के नजदीक दर्जनों घर बने हुए हैं। रेल लाइन दोहरीकरण के चलते रेलवे ने लाइन के किनारे स्थित घरों में नोटिस चस्पा की है जिसमें पांच दिन के अंदर घर खाली करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। 

ठेंगहा ग्राम पंचायत के बीच से होकर रेल लाइन गई है। रेलवे लाइन के दोनों तरफ मकान बने हुए हैं। रेलवे लाइन का दोहरीकरण करा रहा है। इसके चलते लाइन के किनारे स्थित मकानों को गिराने का निर्देश दिया गया है। इसमें कई घर ऐसे हैं जिनमें लंबे अर्से से लोग रह रहे हैं। शनिवार की शाम घरों में नोटिस चस्पा होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए जमीन नहीं है। पहले उन्हें जमीन और मकान उपलब्ध कराया जाए, तब उनका घर गिराया जाए। रविवार की सुबह पीड़ित ग्रामीणों ने एकत्र होकर रेल लाइन के किनारे प्रदर्शन किया।

ठेंगहा गांव की सीता देवी ने बताया कि उनका घर गिराने के लिए नोटिस चस्पा हुई है। उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति की मौत हो चुकी है। किसी तरह मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पाल रही हैं। अशोक मिश्र ने कहा कि रेलवे ने मानक की अनदेखी करते हुए उनके घर को हटाने की नोटिस दिया है। पहले उन्हें मुआवजा दिया जाए तब घर गिराया जाए। कामता प्रसाद मौर्य का कहना है कि उनकी कई पीढ़ियां इस मकान में रह चुकी हैं।

जब रेलवे लाइन नहीं बनाई गई थी उसके पहले का मकान बना हुआ है। इसी तरह रेलवे लाइन के किनारे स्थित गांवों से 50 से 60 घर गिर जाएंगे तो उनका परिवार बेघर हो जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि दोहरीकरण कराने के लिए अधिकारी पहले ही मकान का कुछ हिस्सा गिरा दिया गया है। अब दर्जनों घरों को खाली करने की नोटिस चस्पा किया गया है जिससे वे सब परेशान हैं। 

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