Sugar Price Today: कमजोर मानसून और अल-नीनो के साए में चीनी 38% महंगी हुई। सरकारी स्टॉक भरपूर, फिर भी कई शहरों में खुदरा भाव ₹74 किलो तक पहुंच गए हैं। क्या और दाम बढ़ेंगे?

Sugar Price Hike: फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले चीनी की कीमतों ने घरों और कारोबारियों की टेंशन बढ़ा दी है। 31 अगस्त को देश में चीनी का औसत खुदरा भाव ₹64.24 प्रति किलो पहुंच गया। खास बात यह है कि यह कीमत एक हफ्ते पहले के ₹63.12 प्रति किलो से 1.77% ज्यादा है, जबकि एक महीने के मुकाबले चीनी करीब 30% महंगी हो चुकी है। पिछले साल इसी समय की तुलना में कीमत में 38.63% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी सरकार की तरफ से सप्लाई बढ़ाने और कीमतों पर कंट्रोल के लिए कई कदम उठाए जाने के बावजूद बाजार में चीनी के दाम हाई बने हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि त्योहारों के दौरान चीनी की कीमत और बढ़ेगी या जल्द राहत मिलेगी?

चीनी का औसत भाव आज कितना है?

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अगस्त को देश में चीनी का औसत खुदरा भाव ₹64.24 प्रति किलो रहा। एक सप्ताह पहले यही औसत कीमत ₹63.12 प्रति किलो थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमत एक जैसी नहीं है। 30 अगस्त को रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों में चीनी का अधिकतम खुदरा भाव ₹74 प्रति किलो, जबकि न्यूनतम भाव ₹40 प्रति किलो रहा। इसका मतलब है कि शहर और बाजार के हिसाब से एक किलो चीनी खरीदने पर कीमत में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।

दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में कितने रुपए किलो चीनी?

दिल्ली- ₹62 प्रति किलो

मुंबई- ₹66 प्रति किलो

रांची- ₹68 प्रति किलो

चेन्नई- ₹63 प्रति किलो

चीनी की कीमत सबसे ज्यादा कहां तक पहुंची?

देशभर में चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य ₹74 प्रति किलो और न्यूनतम ₹40 प्रति किलो दर्ज किया गया है। जबकि औसत कीमत ₹64.24 प्रति किलो है। रांची में कीमत देश के औसत से ज्यादा रही, जबकि दिल्ली में चीनी अपेक्षाकृत सस्ती रही। हालांकि स्थानीय दुकान, ब्रांड और खरीदारी की जगह के हिसाब से असली कीमत अलग हो सकती है। थोक बाजार (Wholesale Market) में भी चीनी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं और यह औसतन ₹59.73 प्रति किलो पर बिक रही है, जो पिछले हफ्ते के ₹58.66 प्रति किलो से ज्यादा है।

सरकारी सख्ती के बावजूद क्यों नहीं घट रहे दाम?

केंद्र सरकार ने बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात (Duty-Free Import) को मंजूरी दी गई, निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाई गई है Qj ट्रेडर्स और बल्क यूजर्स के लिए स्टॉक लिमिट (Stockholding Norms) कड़ी कर दी गई है। इन फैसलों के बाद एक्स-मिल (Ex-mill) रेट्स में करीब 20% तक की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा और थोक बाजारों तक इसका फायदा नहीं पहुंच पा रहा है। सरकार का साफ मानना है कि देश में स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन मिलें और बिचौलिए त्योहारों का फायदा उठाकर दाम बढ़ा रहे हैं। सामान्य तौर पर एक्स-मिल और रिटेल भाव में ₹7-8 प्रति किलो का अंतर होता है, जो इस वक्त काफी ज्यादा देखा जा रहा है।

चीनी के दाम बढ़ने की 3 बड़ी वजहें

अल-नीनो और कमजोर मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 13% कम रही है। जून के अंत में बारिश की कमी 40% से अधिक थी, जिससे गन्ने की बुवाई में देरी हुई और उपज प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई।

त्योहारी मांग का दबाव

अगस्त के अंत से लेकर जनवरी तक देश में त्योहारों, शादियों, मिठाइयों और पैकेज्ड फूड की मांग चरम पर रहती है।

ग्लोबल मार्केट का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अल-नीनो के चलते ब्राजील और एशियाई देशों में सप्लाई प्रभावित होने के डर से न्यूयॉर्क फ्यूचर्स एक साल के हाई लेवल पर पहुंच चुका है।