MRP Overcharging: आंध्र प्रदेश में एक मंदिर की दुकान को पानी की बोतल पर 7 रुपये ज़्यादा लेना भारी पड़ गया। एक भक्त की शिकायत पर कंज्यूमर कोर्ट ने दुकान पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने मंदिर प्रशासन को भी निर्देश दिया है कि सभी दुकानें MRP पर ही सामान बेचें।
7 Lakh Fine: आंध्र प्रदेश के अन्नावरम स्थित एक मंदिर परिसर में पानी की बोतल पर MRP से ज्यादा कीमत वसूलना दुकानदार को भारी पड़ गया। एक भक्त की शिकायत पर पूर्वी गोदावरी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दुकान के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया। आयोग ने दुकानदार को 7 लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का आदेश दिया है।
पानी की बोतल पर MRP से ज्यादा लिए थे 7 रुपये
यह मामला डी. वेंकटेश्वर राव की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने अन्नावरम स्थित श्री वीर वेंकट सत्यनारायण स्वामी वारी देवस्थानम परिसर में मौजूद ‘सत्य देवा फैंसी कोकोनट्स एंड कूल ड्रिंक्स’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि दुकान ने पानी की बोतल पर छपी MRP से 7 रुपये ज्यादा वसूले। 28 अगस्त 2026 को दिए आदेश में आयोग ने मामले में दुकानदार की गलती मानी और उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
7 लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का आदेश
आयोग ने सिर्फ अतिरिक्त वसूली की रकम लौटाने का आदेश नहीं दिया, बल्कि दुकानदार पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया। दुकान को उपभोक्ता कल्याण कोष में 7 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसके अलावा शिकायतकर्ता को MRP से ज्यादा लिए गए 7 रुपये वापस करने और मानसिक परेशानी व अन्य नुकसान के लिए 10 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया गया है।
केस लड़ने का खर्च भी देना होगा
दुकानदार को शिकायतकर्ता के मुकदमे के खर्च के रूप में 5 हजार रुपये भी देने होंगे। इस तरह आयोग ने साफ संदेश दिया कि किसी भी उपभोक्ता से पैकेटबंद सामान पर तय MRP से अधिक कीमत वसूलना गंभीर मामला हो सकता है।
मंदिर प्रबंधन को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
मामले में आयोग ने मंदिर प्रबंधन यानी देवस्थानम को भी निर्देश दिए हैं। उसे अपनी निगरानी में यह सुनिश्चित करना होगा कि मंदिर परिसर में मौजूद सभी लाइसेंसी दुकानें पैकेटबंद सामान पर MRP स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
भक्तों के उपभोक्ता अधिकारों की होगी सुरक्षा
आयोग के इस आदेश का उद्देश्य मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करना और भविष्य में MRP से ज्यादा कीमत वसूलने जैसी घटनाओं पर रोक लगाना है। फैसले के बाद मंदिर परिसर की दुकानों पर निगरानी बढ़ने और MRP नियमों के पालन को लेकर सख्ती की उम्मीद है।
