Census 2027 Viral Video: असम की एक टीचर रूमी डेका का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वह सेंसस 2027 के फील्डवर्क के लिए अपनी जुड़वां बेटियों को साथ ले जाती दिख रही हैं। कोई और विकल्प न होने पर, वह अपने बच्चों को साथ लेकर ही घर-घर जाकर ड्यूटी कर रही हैं।
Teacher With Twin Daughters: सोशल मीडिया पर असम की एक टीचर का वीडियो वायरल हो गया है। इसमें वह अपनी जुड़वां बेटियों को साथ लेकर सेंसस 2027 की ड्यूटी करती नजर आ रही हैं। मां और अपनी सरकारी जिम्मेदारी, दोनों को एक साथ निभाने के उनके इस जज्बे की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। रूमी डेका नाम की इस टीचर को सेंसस से जुड़ा फील्डवर्क सौंपा गया था। उन्होंने यह वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जो दिखाता है कि फील्ड असाइनमेंट के दौरान कामकाजी मांओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
वीडियो में डेका अपनी दोनों बेटियों के साथ काम के लिए निकलती दिख रही हैं। वह एक बच्ची को गोद में उठाए हुए हैं और दूसरी का हाथ पकड़कर सेंसस ड्यूटी के तहत अलग-अलग घरों में जा रही हैं। टीचर ने बताया कि उनके पास बेटियों को साथ ले जाने के अलावा कोई और चारा नहीं था। तेज गर्मी के बावजूद उन्हें कई घरों में जाना था और यह भी नहीं पता था कि काम में कितना वक्त लगेगा।
यहां देखें वायरल वीडियो:
इस भावुक वीडियो ने ऑनलाइन लोगों का ध्यान खींचा और कई यूजर्स ने डेका के जज्बे की तारीफ की। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि वह बच्चों की देखभाल और सेंसस के काम के साथ-साथ अपनी रेगुलर टीचिंग की जिम्मेदारी कैसे संभालती हैं।
रूमी डेका के पति ने दी सफाई
इस चर्चा के बीच खुद को डेका का पति बताने वाले एक शख्स ने जवाब दिया। उन्होंने साफ किया कि रूमी का स्कूल का रेगुलर काम और सेंसस की ड्यूटी, दोनों अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं।
उन्होंने कहा, "उनका स्कूल घर के पास है, जबकि सेंसस ड्यूटी के लिए अलग-अलग जगहों और घरों में जाना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा कि वीडियो का मकसद यह दिखाना नहीं था कि रूमी बच्चों के साथ सेंसस का काम कैसे मैनेज करती हैं, बल्कि उनकी "मेहनत और लगन" को दिखाना था।
उन्होंने लिखा, "ज्यादातर लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, और हम सच में इसकी सराहना करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वह हर दिन उनकी मेहनत देखते हैं। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर पूरी स्थिति का अंदाजा न लगाएं।
वर्किंग मदर्स की चुनौतियों पर छिड़ी बहस
इस वीडियो ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि जब सरकारी कामों में फील्ड विजिट की जरूरत होती है, तो कामकाजी मांओं को किस तरह की व्यावहारिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। डेका का अनुभव लोगों को इसलिए अपना सा लग रहा है क्योंकि यह छोटे बच्चों की देखभाल करते हुए पेशेवर जिम्मेदारियों को संभालने की हकीकत को दिखाता है।
बता दें कि सेंसस 2027 दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में घरों की लिस्टिंग और उनसे जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं, जिसके बाद लोगों की गिनती होगी। यह भारत का पहला डिजिटल सेंसस भी होगा, जिसमें कर्मचारी मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर जानकारी इकट्ठा और अपडेट करेंगे।
