JSSC CGL Exam Scam: झारखंड CID ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के दो अलग-अलग मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। JPSC परीक्षा घोटाले में संजीव कुमार को रांची से, जबकि JSSC CGL पेपर लीक मामले में दिलीप कुमार पासवान को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया है।
Competitive Exam Scam: झारखंड CID ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पहला मामला 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में हुई धांधली से जुड़ा है। इसमें CID ने रांची के रातू रोड इलाके से संजीव कुमार को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संजीव 'शिवांगन कोचिंग सेंटर' चलाता था। उस पर आरोप है कि वह एक एजेंट के तौर पर काम कर रहा था और उम्मीदवारों से परीक्षा पास कराने का वादा करके पैसे लेता था।
दूसरे मामले में, CID ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में हुई गड़बड़ी के सिलसिले में दिलीप कुमार पासवान को गिरफ्तार किया है। उसे पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान में ईस्ट केंडा कॉलोनी से पकड़ा गया। पासवान पर JSSC CGL परीक्षा में कई उम्मीदवारों को गलत तरीके से मदद पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
CID दोनों मामलों की आगे की जांच कर रही है।
JSSC CGL मामले में पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले, 31 अगस्त को भी CID ने JSSC CGL परीक्षा धांधली मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान समीर कुमार के रूप में हुई है, जो गिरिडीह जिले का रहने वाला है और उसके पिता का नाम स्वर्गीय प्रदीप कुमार है।
CID ने बताया था, "CID थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत JSSC-CGL प्रतियोगी परीक्षा के संबंध में, समीर कुमार, पिता- स्वर्गीय प्रदीप कुमार, ग्राम+थाना, जिला- गिरिडीह को आज गिरफ्तार किया गया है।"
हिंसक प्रदर्शनों पर FIR
यह गिरफ्तारियां उस घटना के बाद हुई हैं जब 24 अगस्त को रांची में मुख्यमंत्री का पुतला जलाने के दौरान हिंसक झड़पें और हंगामा हुआ था। इस मामले में रांची पुलिस ने तीन अलग-अलग FIR दर्ज की थीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज है। तीनों FIR कोतवाली थाने में दर्ज की गई हैं।
